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बरात की आतिशबाजी से धमोली गांव में घास के 28 ढेर जले, बाल-बाल बचा गांव

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बागेश्वर के धमोली गांव में आग से जलते घास के लुट्टों से उठता धुआं। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के धमोली गांव में बरात में की गई आतिशबाजी से पशुपालकों के 28 घास के लुट्टे (ढेर) जलकर राख हो गए। गनीमत यह रही कि आग पर समय से काबू पा लिया गया अन्यथा आवासीय मकान भी आग की चपेट में आ जाते। आग लगने के बाद बरातियों और घरातियों के बीच विवाद भी हो गया। हालांकि लोगों के समझाने पर मामला शांत हुआ।
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मंगलवार को तालड़ से धमोली (मालूझाल) में बरात आई थी। बरात में की गई आतिशबाजी से घास के ढेरों में आग लग गई। देखते ही देखते मकानों के पास बनाए गए सूखी घास के लुट्टों को आग ने चपेट में ले लिया। गांव के लोग आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान 28 घास के लुट्टे पूरी तरह से जलकर राख हो गए। आग नहीं बुझती तो वहां बने करीब 70 लुट्टे जल जाते।
घास के ढेरों में आग लगने से नाराज गांव के लोग बरातियों से घास की भरपाई की मांग करने लगे। लोगों के बीचबचाव के कारण मामला शांत हुआ। घटना में पशुपालकों को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। वन पंचायत सरपंच संगठन के अध्यक्ष पूरन रावल ने बताया कि बरातियों की ओर से की गई आतिशबाजी के दौरान एक रॉकेट घास के लुट्टों में जा गिरा, जिससे आग लगी।
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