बागेश्वर जिले में किसान फसल बीमा कराने में कम रूचि ले रहे हैं। जिला कृषि विभाग में कुल 47,522 किसान पंजीकृत है। विभाग को वर्ष 2024-25 के लिए 8900 किसानों का बीमा कराने का लक्ष्य मिला है। इसमें खरीफ और रबी दोनों फसलें शामिल हैं। लक्ष्य के सापेक्ष खरीफ की फसल के लिए मात्र 3807 किसानों ने बीमा किया है। इसमें से 3360 किसानों का बीमा बैंक से हुआ है। शेष 447 ने स्वयं ही फसल का बीमा कराया है।
किसान फसल का नुकसान होने पर मुआवजे की मांग करते है लेकिन बीमा कराते समय चूक जाते है। कई लोग तो जानकारी के अभाव में योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते है। फसल लागत के जोखिम से बचाने वाली योजना को और अधिक प्रचार-प्रसार की जरूरत है।
कृषि विभाग में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ में धान, मडुवा और रबी में गेहूं की फसल का बीमा होता है। उद्यान विभाग में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत खरीफ में आलू, मिर्च, अदरक, टमाटर, बीन्स और रबी में आम, आडू, सेब, लीची, संतरा, मौसमी, माल्टा, मटर का बीमा होता है।
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नाली के अनुसार आवेदन का मूल्य
किसान को प्रत्येक नाली के अनुसार फसल बीमा का शुल्क अदा करना होता है। खरीफ की फसल में धान के लिए 21 रुपये और मडुवे के लिए 19.52 रुपया अदा करना होता है। इसमें धान का बीमा प्रति नाली 1049 और मडुवे का 973 रुपया है। रबी की फसल गेहूं के लिए प्रति नाली 16.63 रुपये अदा करने होते है। जिसमें बीमा दर 975 रुपया निर्धारित किया गया है।
कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष बीमा योजना का प्रचार-प्रसार किया जाता है। किसानों को बीमा कराने के लिए जागरूक किया जाता है। ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार से किसान को फसल लागत का नुकसान न उठाना पड़े।
-राजेंद्र उप्रेती, प्रभारी जिला कृषि अधिकारी बागेश्वर