अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर अभियंताओं की बेमियादी हड़ताल बुधवार को नवें दिन भी जारी रही। उनकी हड़ताल के कारण जिले में करोड़ों रुपये के विकास कार्य प्रभावित हो गए हैं। भुगतान न मिलने से मजदूरों में भुखमरी की नौबत आने लगी है। सभा में वक्ताओं ने मांगें शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन और भी तेज करने की चेेतावनी दी।
लोनिवि परिसर में हुई सभा में डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिलाध्यक्ष आरपी टम्टा ने कहा कि सरकार अपर सहायक अभियंता के पद को नॉन फंक्शनल, अधीक्षण अभियंता पद का वेतनमान ग्रेड पे उत्तर प्रदेश, केंद्र की तरह करने, कनिष्ठ अभियंता का ग्रेड पे एक जनवरी 2006 से 4800 रुपये देने, निगम, परिषद, संस्थान, निकायों में राजकीय विभागों के समान वेतन, सुविधा देने समेत कुल 10 मांगों को लेकर चुप बैठी है। उन्होंने मांगों के शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन और भी तेज करने की चेतावनी दी।
हड़ताल के चलते कपकोट में 20 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्यक्रम, 19 करोड़ रुपये की लागत की बालीघाट धरमघर सुधारीकरण, चार करोड़ रुपये की लागत की बांसपटान रावतसेरा सड़क, छह करोड़ के बागेश्वर दफौट सड़क, 20 करोड़ की बैजनाथ झील, 15 करोड़ के कपकोट शामा तेजम सड़क, एक करोड़ के जीतनगर बाढ़ सुरक्षा कार्य, 40 लाख की कठायतबाड़ा नहर मरम्मत कार्य, एक करोड़ की बीथी लिफ्ट सिंचाई योजना, 20 करोड़ की सरयू बाढ़ नियंत्रण, तीन करोड़ की लागत से सरयू में समणताल पर निर्माणाधीन मोटर पुल का निर्माण समेत रमसा के तहत निर्माणाधीन भवनों के निर्माण लटक गए हैं।
लोनिवि के एसई ने आंदोलनस्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। सभा का संचालन जिला सचिव संजय कार्की ने किया। धरना प्रदर्शन में गोपाल तिवारी, जीएस मेहरा, ईश्वर जोशी, एमसी पंत, एमसी त्रिपाठी, दीपिका, सतीश चंद्र, मनोज भट्ट, नंदन बोरा, मनोज शर्मा, केके पाठक, योगेश आर्य, डीसी पंत, भाष्कर बस्वाल, नितेश पंत, पंकज मेहता शामिल थे।