जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के लिए राष्ट्रीय स्तर का सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम शीघ्र शुरू होगा। नगरीय इलाकों के बाद ग्राम स्तर पर सॉफ्टवेयर रजिस्ट्रेशन कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। समीक्षा बैठक में प्रभारी डीएम एसएस जंगपांगी ने इस सिस्टम को शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार मेें समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन प्रणाली में एकरूपता लाने के लिए भारत सरकार के महारजिस्ट्रार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम विकसित किया है। यह कार्यक्रम ग्राम स्तर पर चलेगा। ग्रामीण आसानी के साथ जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
जनसामान्य को घर बैठे ही रजिस्ट्रेशन सुविधा सहित इससे संबंधित प्रिंट भी मिल सकेगा। इससे पारदर्शिता रहेगी, और कोई भी व्यक्ति दो बार रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेगा। प्रमाण पत्रों पर कोड नंबर उपलब्ध होने के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता को भी देखा जा सकेगा।
महापंजीयक के प्रतिनिधि भारत जोशी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के सॉफ्टवेयर पहले चरण में नगरीय इलाकों में लगाए जाएंगे। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण इलाकों में इनकी स्थापना की जाएगी।
आम आदमी घर बैठे प्रमाण पत्र पा सकेगा। बैठक में एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार पदम सिंह मेहरा, जिला पंचायत राज अधिकारी पूनम पाठक, डिप्टी सीएमओ डॉ. केके सिंह, एमसी लोहनी आदि उपस्थित थे।
प्रभारी डीएम एसएस जंगपांगी की अध्यक्षता में जिले के आठ खनन लॉटों की नीलामी हुई। उप खनिजों के माध्यम से बागेश्वर जिले में अगले छह महीनों में 1.34 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।
तीन लॉटों के लिए आवेदन नहीं आए थे, जबकि दो अन्य लॉटों का आवंटन नीलामी के दौरान तकनीकी कारणों से नहीं हो सका। लॉटरी की प्रक्रिया में एसडीएम रेखा कोहली और खनन उपनिदेशक राजपाल लेघा भी मौजूद थे।