बागेश्वर। जिले में भारी बारिश के बाद बंद मोटर मार्गों को खोलने का काम जोरशोर से चल रहा है। हालांकि आठ सड़कों पर अब भी यातायात ठप है। ग्रामीण सड़कों के बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, दुगनाकुरी तहसील के पपोली में एक ग्रामीण का मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया है।
जिले में बृहस्पतिवार की रात गरुड़ तहसील क्षेत्र में 18 मिमी बारिश हुई। हालांकि कपकोट और बागेश्वर में मौसम सामान्य बना रहा है। जिले में अभी भी बारिश के आसार बने हुए हैं। बीते दिनों हुई बारिश से पपोली गांव में कैलाश राम पुत्र पूरन राम का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रभावित परिवार ने दूसरे घर में शरण ली है। बारिश के दौरान हुए भूस्खलन और मलबा आने से बंद हुई सड़कों को खोलने का काम शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह के समय बंद हुई 18 सड़कों में से 10 पर यातायात सुचारु करा दिया गया है जबकि आठ सड़केें अब भी बंद है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार असों-बसकूना, बड़ीपन्याली, तोली, कपकोट-कर्मी, सनेती, हरसीला-पुड़कूनी, असों-गडेरा और भनार-लाथी-नामतीचेटाबगड़ सड़क पर यातायात सुचारु नहीं हो सका है। संबंधित विभागों की जेसीबी मशीनें सड़क खोलने में जुटी हैं।
159 किसानों की फसल हुई बर्बाद
बागेश्वर। बारिश के दौरान खेतों में मलबा भरने से कृषि भूमि को काफी नुकसान हुआ है। कपकोट तहसील के बसकूना, पाकड़, गोलना, गडेरा, असों, खडगेड़ा, बैड़ा-मझेड़ा, बटालगांव और ओखलधार गांव में फसलों को सबसे अधिक क्षति हुई है। इन गांवों में करीब दो हेक्टेयर जमीन में मलबा भरने से 158 किसानों की खेती नष्ट हो गई है।
कई गांवों में अब तक नहीं आई बत्ती
बागेश्वर। बारिश का कहर बिजली की लाइनों पर भी टूटा है। बारिश से कनलगढ़ घाटी के जगथाना, बसकूना, पालीडुंगरा, बैड़ामझेड़ा आदि गांवों की बिजली गुल है। नरगड़ा, जारती, पपोली, अन्नपूर्णा, आणू, धरखोला आदि गांवों में अस्थाई व्यवस्था की गई है। वहीं नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार हो रही बिजली की आंखमिचौली से भी लोग परेशान हैं। नगर क्षेत्र में शुक्रवार को पूरे दिन 10 से अधिक बार बिजली गुल हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की आंखमिचौली से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई पेयजल योजनाएं प्रभावित, नगर क्षेत्र में मिला गंदा पानी
बागेश्वर। बारिश के बाद नदियों और गधेरों में जलस्तर बढ़ने से कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नगर क्षेत्र में नदियों में गंदा पानी आने से लोगों के घरों में भी साफ पानी नहीं पहुंच रहा है। अमसरकोट, जखेड़ा पेयजल योजना पर निर्भर लोगों के घरों में मटमैला पानी आया। वहीं कपकोट तहसील क्षेत्र के देवलचौंरा और गोलना क्षेत्र में योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से जलसंकट पैदा हो गया है। उडियार, सीमा, सिमायल, असों, बघेली और देवलेत गांव की योजनाओं की मरम्मत का काम चल रहा है।
जिले में बारिश के दौरान भूस्खलन होने और मलबा गिरने से बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। ध्वस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत की जा रही है। बिजली की क्षतिग्रस्त लाइनों को भी ठीक किया जा रहा है। आवासीय और खेती को हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीम निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर
बागेश्वर के पपोली गांव में क्षतिग्रस्त मकान के मलबे को देखता मकान मालिक। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR