एक ओर चुनावी सभाओं में हर घर नल-हर घर जल का शोर है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई गांव गर्मी आते ही पेयजल संकट से जूझने लगते हैं। कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के धूराफाट के कई गांव पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। नल से पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों को प्राकृतिक जलस्रोत और हैंडपंप से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
धूराफाट के असों, बोहाला समेत 10 से अधिक गांवों में सरयू नदी से बनी पंपिंग पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। हर साल गर्मी आते ही नदी का जलस्तर कम होने पर क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा जाता है। विभाग अप्रैल-मई में सरयू नदी का पानी मोड़कर पंप तक पहुंचाता है। इस साल भी नदी का जलस्तर कम होने से दिक्कत पैदा हो गई है। नदी का पानी पंप हाउस तक मोड़ने के लिए काम भी चल रहा है लेकिन मशीन लगाने की अनुमति नहीं मिलने से पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है।
कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह आदि ने बताया कि पेयजल संकट गहराने से लोगों के रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को हैंडपंप और नौले-धारों में लाइन लगाकर पानी जुटाना पड़ रहा है। इधर, जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने बताया कि पानी को डायवर्ट करने का काम चल रहा है। जल्द ही समस्या का निदान कर दिया जाएगा।