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पन्याती के ग्रामीणों के लिए लाइफलाइन से कम नहीं है डोली

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कपकोट के पन्याती गांव से बीमार बुजुर्ग को डोली में कपकोट अस्पताल लाते लोग। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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कपकोट (बागेश्वर)। विकास के दावों के बाद भी जिले के कई गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। समय-समय पर सड़क, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार सुविधाओं से जूझते गांव विकास के दावों की पोल खोलते रहे हैं। ऐसा ही एक गांव है कपकोट का पन्याती। तहसील मुख्यालय से महज 12 किमी दूर बसे गांव को मोटर मार्ग की दरकार है। ग्रामीणों को मरीजों और बुजुर्गों की आवाजाही के लिए डोली की मदद लेनी पड़ती है।
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गैनाड़ ग्राम पंचायत के पन्याती तोक को जाने के लिए तहसील मुख्यालय से दूणी तक वाहन सुविधा उपलब्ध है। यहां से करीब पांच किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। पहाड़ की चढ़ाई और उबड़-खाबड़ रास्तों पर बुजुर्गों को लाने-ले जाने में काफी परेशानी होती है। मंगलवार को गांव के बुजुर्ग मथुरा दत्त (80) का स्वास्थ्य खराब हो गया, उन्हें तत्काल अस्पताल लाने के लिए ग्रामीणों ने डोली की मदद ली। सुविधा नहीं होने से गांव के अधिकांश युवा महानगरों में रोजगार करते हैं। ऐसे में युवाओं के साथ वरिष्ठ लोग भी डोली को कंधा देने के लिए आगे आए। ग्रामीणों ने पैदल रास्ते पर डोली की मदद से बुजुर्ग को मोटर मार्ग तक पहुंचाया। जहां से उन्हें वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में भर्ती कराया गया। फिलहाल बुजुर्ग का कपकोट अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुजुर्ग को डोली में लाने वाले ग्रामीण कमल गढ़िया, प्रेम सिंह, बिशन सिंह आदि ने बताया कि सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को ऐसी परेशानी का सामना कई बार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की है।
दूणी-सुकंडा मोटर मार्ग का शोभाकुंड तक विस्तारीकरण होना है। डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई है। इस सड़क का निर्माण होने से पन्याती के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
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एसके पांडेय, ईई लोनिवि कपकोट
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