बागेश्वर। पेयजल संयोजन और सड़क के डामरीकरण की मांग पूरी नहीं होने से मेहनरबूंगा के निवासियों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर समस्याओं के जल्द निदान की मांग की। चुनाव से पूर्व मांग पूरी नहीं होने पर आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेेतावनी दी है।
नए परिसीमन के बाद नगरपालिका में शामिल हुए मेहनरबूंगा के लोग जल जीवन मिशन के तहत पेयजल संयोजन देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में हुए समझौते के तहत जल संस्थान ने हर घर तक पाइप लाइन बिछाने और 100 रुपये में संयोजन देने की बात कही थी, लेकिन सभी प्रपत्र जमा करने के बावजूद लोगों को पेयजल संयोजन नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जल संस्थान मेहनरबूंगा के नगरपालिका में शामिल होने की बात कहकर जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन देने से मुकर रहा है, जबकि पालिका क्षेत्र में आने वाले भनियाधारा में एक वर्ष पूर्व ही जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन दिए गए हैं। कहा कि जल संस्थान डीएम के आदेश की भी अवहेलना कर रहा है।
पेयजल कनेक्शन नहीं मिलने से वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड निवासियों ने मेहनरबूंगा-पुलिस लाइन सड़क में डामरीकरण, अग्निकुंड पुल से बिलौना बाइपास तक नदी किनारे सड़क निर्माण और वार्ड से अग्निकुंड तक बने सीसी मार्ग की मरम्मत कराने की मांग भी की है। इस मौके पर नरेंद्र कुमार आर्य, राजेंद्र कुमार, कुंज बिहारी, करन सिंह, सुमित आदि मौजूद रहे।
गलती नहीं सुधरी तो वोट नहीं देंगे मल्ली रियूनी के ग्रामीण
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन की दृष्टि से बेहद रमणीय स्थल मजखाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत मल्ली रियूनी की जनसंख्या को सही दर्शाने की मांग के लिए मल्ली रियूनी के ग्रामीण वोट के बहिष्कार के एलान पर कायम हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2011 की जनसंख्या में मल्ली रियूनी ग्राम सभा की जनसंख्या 107 दर्शाई गई है जबकि यहां ढाई हजार की आबादी है और एक हजार से अधिक मतदाता हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह अधिकारी ने कहा कि शासन प्रशासन के आला अधिकारियों तक भी गुहार लगाई गई, लेकिन गलत नहीं सुधर सकी है।
उन्होंने बताया कि मल्ली रियूनी गांव की जनसंख्या को पास के बटुलिया गांव में जोड़ दिया गया है। इस कारण ग्राम सभा के विकास के लिए नाकाफी राशि मिल रही है और विकास प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान नीरू गोस्वामी, वैभव अधिकारी, अर्जुन अधिकारी, ललित सिंह अधिकारी, गोपाल सिंह अधिकारी आदि ने कहा कि जब गांव जनसंख्या में ही नहीं है तो ऐसे में कैसे मतदान किया जाए। चेतावनी दी कि यदि गांव की जनसंख्या सही नहीं दर्शायी गई तो मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।