विवेकानंद कृषि अनुसंधान केंद्र की ओर से बनाया गया कुरमुला कीट ट्रैप यंत्र।
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बागेश्वर। कुरमुला कीट से फसलों को बचाने के लिए किसानों को विवेकानंद कृषि अनुसंधान केंद्र ने बड़ी राहत प्रदान की है। केंद्र ने कुरमुला कीट प्रबंधन के लिए वियल कुरमुला ट्रैप नामक यंत्र बनाया है। जिसकी मदद से किसान आसानी से कुरमुला कीट से होने वाले नुकसान से निजात पा सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के वैज्ञानिकों ने इस यंत्र को बेहद कारगर बताया है। इसके अलावा जैविक और रासायनिक विधियों के उपयोग से भी कुरमुला को नियंत्रित किया जा सकता है।
कुरमुला कीट (गुबरैला की लार्वा स्थिति) फसल, सब्जी और फल सभी प्रकार की खेती के लिए नुकसानदायक है। यह जमीन पर रहकर पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाता है। जिले के सभी क्षेत्रों में कुरमुला कीट किसानों के लिए चुनौती साबित होता है। समय-समय पर किसान गोष्ठियों में इसके प्रबंधन को लेकर जानकारी दी जाती है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को वियल कुरमुला ट्रैप की मदद से कुरमुला कीट प्रबंधन के लिए जागरूक कर रहे हैं। इस ट्रैप को खेतों में लगाकर आसानी से कुरमुला कीट को ट्रैप किया जा सकता है। इसके अलावा डब्ल्यूजीपीएसबी पाउडर का छिड़काव कर जैविक रूप से भी कुरमुला कीट से निजात पाई जा सकती है। कुरमुला कीट प्रबंधन के लिए रासायनिक दवाइयों का छिड़काव भी एक विकल्प है लेकिन यह लंबी अवधि (चार से छह महीने) की फसलों में ही किया जाना चाहिए। सब्जी वाली फसलों में इसका छिड़काव नुकसानदायक हो सकता है।