बागेश्वर। फर्जी तरीके से बैंक लोन लेने के एक मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही थी। इस मामले में बैंक प्रबंधक और दो फर्मों समेत चार लोग आरोपी हैं।
यह मामला वर्ष 2014 का है। नगर की ओवरसीज बैंक से कपकोट के चचई निवासी पूरन राम के नाम पर आठ लाख रुपये का लोन लिया गया। लोन लेने के लिए पूरन के फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। लोन की अदायगी न होने पर मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद पूरन राम ने बैंक प्रबंधन और कुछ लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस भुक्तभोगी को टहलाती रही और मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद भुक्तभोगी ने अदालत की शरण ली।
बुधवार को पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपी बैंक प्रबंधक विकास गुप्ता, यूसी तड़ागी और दो फर्मों के खिलाफ चार सौ बीसी का मामला दर्ज कर लिया। आरोप है कि प्रबंधक ने फर्म और कुछ लोगों के साथ साजिश रचकर फर्जी तरीके से लोन लिया। कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है।