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कांडा के गांवों में ख्रुरपका रोग से पांच सौ मवेशी पस्त

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बागेश्वर। बरसात का मौसम आते ही गांवों में मवेशियों में खुरपका रोग का प्रकोप शुरू हो गया है। कांडा तहसील के कई गांवों में इस रोग की चपेट में आने करीब पांच सौ से अधिक मवेशी बीमार पड़े हैं। गड़वा गांव में दो पशुपालकों की चार बकरियों की मौत हो गई है। ग्राम प्रधानों ने पशु पालन विभाग से पशुओं के उपचार के लिए क्षेत्र में शीघ्र चिकित्सा टीम भेजने की मांग की है।

झांकरा के ग्राम प्रधान गिरीश चंद्र जोशी और ढपटी के प्रधान विनोद राम के अनुसार ढपटी, गंड़वा सिरमोली, अदियाली, बांसतोली आदि गांवों में खुरपका रोग फैला हुआ है। इन गांवों में पांच सौ से अधिक गाय, भैंस, बैल और बकरियां बीमार पड़े हुए हैं। झांकरा के प्रधान जोशी ने बताया कि खुरपका रोग से गड़वा गांव में बहादुर राम और दलीप राम की दो-दो बकरियों की मौत हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कुछ पीड़ित पशुपालक दवा के लिए पशु चिकित्सालय कांडा गए। वहां कर्मियों ने प्रभावित गांव उनके क्षेत्र में नहीं आने की बात कहने से पशुपालकों में मायूसी है। प्रधानों ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से प्रभावित गांवों में तुरंत चिकित्सा टीम भेजने की मांग की है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर ने बताया कि कांडा के चिकित्साधिकारी को प्रभावित गांवों में जाने के निर्देश दिए जाएंगे। पशुपालकों से कहा कि वह गोशाला की दिन दो बार सफाई करें। जानवरों को गोशाला से बाहर लाकर ही नहलाएं। उन्हें बुखार की दवा रोज खिलाएं। यदि पशुओं के मुंह और खुरों में घाव हुए हों तो उन्हें लाल दवाई से ही धोएं। उन्होंने बताया कि जिस गांव में 25 पशुपालकों के पशु बीमार हैं वहां के ग्राम प्रधान या दो लोग स्थानीय अस्पताल में जाकर सभी के लिए दवा ले जा सकते हैं। अस्पतालों में दवाइयों की कोई कमी नहीं है।
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