बागेश्वर में पत्रकारों से बातचीत करते टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बाल
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बागेश्वर। विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण होते ही कांग्रेस में भी बगावत के स्वर मुखर हो गए हैं। बागेश्वर विधानसभा सीट पर रंजीत दास को प्रत्याशी बनाए जाने पर पार्टी के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए। वह कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श करने के बाद सोमवार को आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।
रविवार को प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े थे। पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अपने घर-परिवार की चिंता किए बिना जनता की सेवा के लिए कार्य किया है। कोविड काल में भी जहां सारे नेता घरों में थे, वे कोविड मरीजों को कंधे पर रखकर अस्पताल पहुंचा रहे थे। जनहित के हर मुद्दे पर चल रहे आंदोलनों का उन्होंने समर्थन किया। इसके बाद भी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने उनका टिकट कटाने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। कहा कि वह जन्मजात कांग्रेसी हैं। पिछले पांच साल से अपने बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी-बच्चों की चिंता किए बगैर जनता की सेवा के लिए पूरे समर्पण से कार्य कर रहे थे। पार्टी ने टिकट न देकर उनके साथ अत्याचार किया है।
बालकृष्ण ने कहा कि उनके समर्थक लगातार पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। वह कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ इस विषय पर मंथन करेंगे। अगर कार्यकर्ताओं का साथ मिला तो वह सोमवार को कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। वहां पर बहादुर सिंह बिष्ट, महेश पंत, अर्जुन देव, राजा पांडेय, धीरज कुमार आदि थे।
पार्टी के खिलाफ काम नहीं करूंगी : सुनीता
बागेश्वर। बागेश्वर से कांग्रेस के टिकट की दावेदार महिला कांग्रेस सेवा दल की जिलाध्यक्ष पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा ने कहा है कि उन्होंने भी टिकट के लिए दावेदारी की थी। पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी ने कुछ सोच समझकर ही फैसला लिया होगा। वह पार्टी के फैसले का सम्मान करती हैं। पार्टी प्रत्याशी को विजय बनाने के लिए उनकी पूरी टीम काम करेगी। कांग्रेस के खिलाफ काम करने की सोच भी नहीं सकती। महिला कांग्रेस सेवा दल की जिलाध्यक्ष होने के नाते उनकी जिम्मेदारी यह है कि जिले की दोनों सीटों पर कांग्रेस जीते। इसके लिए पुरजोर ताकत लगाई जाएगी। बागेश्वर के साथ ही कपकोट सीट पर भी महिला कांग्रेस सेवा दल कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाएगा।