कपकोट में वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुति देते लोक कलाकार। विज्ञप्ति
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बागेश्वर / कपकोट। पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत और परंपरागत वाद्य यंत्रों के संरक्षण के लिए होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जिले के लोक कलाकार तैयार हैं। केदारेश्वर मैदान में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता के पहले चरण में जिले की दो टीमों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। 17 सितंबर को दूसरे चरण की जिला स्तरीय प्रतियोगिता के बाद राज्य स्तर पर भागीदारी करने वाली टीम का चयन किया जाएगा।
पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता का आयोजन उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया की ओर से कराया गया। मंगलवार को केदारेश्वर मैदान में हुई प्रतियोगिता में केवल दो ही लोक कलाकारों के दल की मौजूदगी रही। इन कलाकारों ने अपनी वाद्य यंत्र को बजाने की शैली और छलिया नृत्य से मौजूद लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में मौजूद नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने दूसरे चरण की प्रतियोगिता में जिले कि अधिक से अधिक लोक वाद्य यंत्र वादकों से भागीदारी करने की अपील की। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने वाली जिले की टीम का चयन भी उसी किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता देहरादून में 23 और 24 अक्तूबर को होगी। इस मौके पर ग्रामीण उत्थान समिति के संचालक उमेश जोशी, क्षेपं सदस्य भूपेश गढ़िया आदि रहे।