बागेश्वर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांवों के लिए बनी थुणाई-मिहिनिया-खोली सड़क बदहाल हो गई है। मार्ग पर डामरीकरण न होने से कई स्थानों पर कीचड़ और मलबा पटा है। वाहन चालक मार्ग पर कई जगह फंस रहे हैं।
मजबूर होकर क्षेत्रवासियों को चार किमी का फेरा लगाकर ग्राम मोटासेमल से जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से मोटर मार्ग पर जल्द डामरीकरण की मांग की है।
बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग के थुणाई से पांच वर्ष पूर्व मिहिनिया-खोली मोटर मार्ग का निर्माण हुआ है। भटोली तक मार्ग पर डामरीकरण भी कराया गया, लेकिन भटोली से खोली तक डामर नहीं हुआ है।
गिरेछिना मोटर मार्ग में द्वारिकाछिना के पास पहाड़ी दरकने से सड़क अक्तूबर 2019 से एक वर्ष तक बंद भी रही। एक वर्ष बाद मार्ग खुला, लेकिन क्षतिग्रस्त स्थान पर अब भी डामरीकरण नहीं हो सका है।
इसलिए थुणाई से खोली के बीच करीब 700 मीटर मार्ग पर डामरीकरण का इंतजार है। डामर न होने से बारिश के दिनों में मार्ग बदहाल हो गया है। सड़क में जमा कीचड़ वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रहा है।
कई दोपहिया वाहन चालक चोटिल भी हो चुके हैं। चौपहिया वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान जीना परिहार, हरीश सिंह, कमलेश कांडपाल, राजेंद्र कांडपाल, दिनेश कांडपाल, गोविंद प्रसाद, जगदीश कांडपाल, हेम चंद्र आदि ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग बदहाल होने से क्षेत्रवासियों को मोटासेमल से होकर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है।
इसके लिए चार किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है। वाहन का अतिरिक्त किराया भी भुगतान करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द मार्ग में डामरीकरण कर जनसमस्या सुलझाने की मांग की है।
मिहिनिया-खोली मोटर मार्ग से अमतौड़ा, काकड़ा, खोली, भटोली, डुंगरगांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। क्षेत्र में पांच हजार से अधिक की आबादी को लाभ देने वाली सड़क खस्ताहाल होने से परेशानी बढ़ गई है। लोनिवि को समस्या का निदान यथाशीघ्र करना चाहिए।
- जीना परिहार, ग्राम प्रधान खोली।
मोटर मार्ग बदहाल होने से लोग परेशान हैं। जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए 30 से 50 रुपये का अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। रसोई गैस सिलिंडर भरवाने के लिए भी 50 से 100 रुपये अतिरिक्त भाड़ा पड़ रहा है। विभाग को बताने पर भी समस्या नहीं सुलझी है।
- कुंवर सिंह परिहार, पूर्व ग्राम प्रधान खोली।
थुणाई-मिहिनिया-खोली मोटर मार्ग पर डामरीकरण कराने का प्रस्ताव तैयार है। बरसात के बाद इस मार्ग पर डामरीकरण कराया जाएगा।
- एसके पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोनिवि बागेश्वर।