कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को दल बदल के तहत कानूनी शिकंजे में कसने के लिए तैयारी तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में बैठना शुरू कर दिया है।
बागी विधायकों को 26 तक जवाब देने को कहा गया है। कुंजवाल का कहना है कि वे 26 तक नोटिस के जवाब का इंतजार करेंगे। इसके बाद नोटिस के तहत मिले, जवाब का परीक्षण होगा। 28 को सदन आहूत किया गया है, लिहाजा परीक्षण के लिए बेहद कम समय अध्यक्ष को मिल पाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत सहित नौ बागी विधायकों को 19 मार्च को दल बदल कानून के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस कानून के तहत जवाब देने के लिए सात दिन का समय देना जरूरी है।
बागी विधायकों को 26 मार्च तक का समय
इसी बाध्यता को देखते हुए बागी विधायकों को 26 मार्च तक का समय दिया गया है। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे। कुंजवाल ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 26 मार्च तक जवाब का इंतजार किया जाएगा।
इस बीच कोई भी जवाब मिलेगा, उसका परीक्षण कराया जाएगा। बीच में होली और अन्य अवकाश भी हैं। इसके बावजूद विधानसभा अध्यक्ष लगातार उपस्थित रहेंगे।
बागियों के आचरण को आधार बनाकर नोटिस तैयार
फिलहाल जो तस्वीर उभरकर सामने आ रही है, उसमें कांग्रेस सरकार का बहुमत साबित करने का पूरा समीकरण दल बदल कानून के तहत कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
ऐसे में इस मामले में सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। हाल यह है कि कारण बताओ नोटिस का भी बार-बार परीक्षण किया जा रहा है।
नोटिस की भाषा में करीब तीन बदलाव किए गए हैं पर मूल तथ्य को नहीं छेड़ा गया है। बदलाव का कारण लिपिकीय गलती बताया जा रहा है। बागी विधायकों के आचरण को आधार बनाकर नोटिस तैयार किया गया था।