अवैध खनन जहां भागीरथी के लिए खतरा बना हुआ है वहीं खनन सामग्री से भरे ट्रकों से उड़ने वाली धूल जोशियाड़ा के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। आश्वासन के बाद भी यहां पानी का छिड़काव नहीं किए जाने से गुस्साए व्यापारियों में शनिवार को जाम लगाकर प्रदर्शन किया। हंगामे के बीच फिर छिड़काव का आश्वासन मिलने पर जाम खोला गया। कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बडे पैमाने पर खनन
जोशियाड़ा के पास भागीरथी में इन दिनों बड़े पैमाने पर खनन कर किया जा रहा है। खनन सामग्री वाले ट्रकों की आवाजाही बाजारों से होती है। इन वाहनों से उड़ने वाली धूल दुकानों में घुसती रहती है। पांच दिन पहले इस समस्या को लेकर व्यापारियों ने ट्रकों को रोक दिया था। तब पुलिस की मौजूदगी में खनन ठेकेदारों ने पानी का लगातार छिड़काव कराने का आश्वासन दिया था लेकिन एक ही दिन छिड़काव किया गया।
मुख्य मार्ग पर लगाया जाम
गुस्साए व्यापारियों ने शनिवार को जोशियाड़ा में मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। खनन सामग्री से भरे कई ट्रक रोक कर व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अब इस मार्ग से खनन के वाहन नहीं गुजरने दिए जाएंगे। इस दौरान ठेकेदारों एवं व्यापारियों के बीच जमकर विवाद हुआ। ठेकेदारों की ओर से कहा गया कि धूल से दिक्कत है तो दुकान बंद करके चले जाओ, इससे व्यापारियों का गुस्सा और भड़क गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझा कर जाम तो खुलवा दिया, लेकिन व्यापारियों ने पानी का छिड़काव न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर अजीत गुसाईं, लक्ष्मण सिंह पंवार, देशबंधु भट्ट, धर्मेंद्र सिंह, अमित नेगी, जय सिंह, साजिद आदि दर्जनों व्यापारी मौजूद थे।
प्रशासन की खामोशी से बढ़ रहा अवैध खनन
असी गंगा एवं भागीरथी में बाढ़ से जमा मलबे के कारण मंडरा रहे खतरे को देखते हुए इसे हटाया जाना जरूरी है। समय पर नियमानुसार व्यवस्था न होने का फायदा उठाते हुए यहां खनन माफिया सक्रिय हैं। जोशियाड़ा वाले हिस्से से रोजाना दर्जनों ट्रकों से दिन रात खनन किया जा रहा है। प्रशासन की खामोशी हैरान करने वाली है।