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बिजलीघर की मांग कर भाकियू ने रोकी ट्रेन

Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
Amroha
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मंडी धनौरा। डींगरा बिजलीघर को चालू कराने की मांग कर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन पर कब्जा जमा लिया। करीब आधा घंटे तक इस पर कार्यकर्ताओं का कब्जा रहा। इस दौरान इंजन और ट्रैक पर बैठे कार्यकर्ताओं को हटाने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक ओर कार्यकर्ता हर कुर्बानी देने की धमक दिखाते रहे, वहीं अधिकारी उन्हें आश्वासन देते नजर आए। बीती नौ तारीख को भी भाकियू ने ट्रेन रोक दी थी।
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बिजली समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर से रेलवे स्टेशन की ओर निकले। रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही कार्यकर्ताआें ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। रेलवे स्टेशन पर ही पंचायत आयोजित की गई। इसको संबोधित करते हुए ब्लाक अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा कि डींगरा बिजलीघर को लेकर प्रशासन और बिजली विभाग किसानों को मूर्ख बना रहा है। पिछले कई सालों से बिजलीघर बनकर तैयार है, परन्तु प्रशासन की लापरवाही से यह चालू नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी प्रशासन ने स्थगनादेश के खारिज होने की बात कही थी, परन्तु आज तक उसकी प्रति नहीं दी गई। लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजलीघर की समस्या स्वयं प्रशासन द्वारा खड़ी की गई है। यूनियन की ब्लाक इकाई ने गजरौला से नजीबाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पर स्टेशन पहुंचते ही कब्जा जमा लिया और इसे रोके रखा। कुछ कार्यकर्ता रेल ट्रैक पर बैठ गए। इस दौरान मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाकियू कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मामले के अदालत मे विचाराधीन होने की वजह से ट्रेन को जाने दें। भाकियू कार्यकर्ता डींगरा बिजलीघर के लिए स्वीकृत ट्रंासफार्मर को जोया के स्थान पर धनौरा या गजरौला लाने की मांग भी कर रहे थे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने ट्रेन को जाने दिया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान, बिजेन्द्र शर्मा, लाखन सिंह, सौवीर सिंह, राजेन्द्र यादव, शिवचरण सैनी, प्रदीप कुमार, पंकज मौजूद थे।
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