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अमर उजाला शिक्षा अभियान : कोरोना के बाद बच्चों के लिए नई उमंग और उत्साह लेकर आया नया शिक्षा सत्र

Sat, 02 Apr 2022 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा

सार

कई स्कूल पढ़ाई सुधारने के लिए अतिरिक्त गतिविधियों के आयोजन पर जोर दे रहे हैं। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमणकाल शुरू हुआ तो सरकार की तरफ से प्राथमिक से लेकर 12वीं तक की सभी स्कूल बंद कर दिए गए।
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शैक्षिक सत्र के दौरान राउमावि चिलियानौला में मौजूद बच्चे। संवाद - फोटो : RANIKHET
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विस्तार
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कोरोना महामारी के दो साल बाद शुरू हुआ नया शैक्षिक सत्र बच्चों के लिए नया उत्साह और नई उमंग लेकर आया है। पहले दिन नियमित रूप से स्कूल खुले और बच्चों में उत्साह देखने को मिला। कोरोना का स्तर अब कम हो चुका है। रानीखेत नगर में 12 से 14 साल के बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण भी हो चुका है। ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई थी। ऑनलाइन कक्षाओं की आदत से बच्चों की लिखावट धीमी हो गई थी और पढ़ने की आदत भी छूट गई। अब शिक्षकों के सम्मुख ऐसे बच्चो की पढ़ाई को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती है।

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कई स्कूल पढ़ाई सुधारने के लिए अतिरिक्त गतिविधियों के आयोजन पर जोर दे रहे हैं। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमणकाल शुरू हुआ तो सरकार की तरफ से प्राथमिक से लेकर 12वीं तक की सभी स्कूल बंद कर दिए गए। इसके बाद से विद्यालय लगातार बंद रहे। प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं नवंबर 2021 में शुरू हो पाई थी, लेकिन विद्यालय नियमित रूप से नहीं खुले थे। शुक्रवार एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन स्कूल खुले तो काफी संख्या में बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल खुलने को लेकर बच्चों में नया उत्साह देखने को मिला। राउमावि चिलियानौला के शिक्षक मनमोहन देव ने बताया कि योग और व्यायाम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई की शुरूआत हो रही है।

-दो साल बाद नया शैक्षिक सत्र शुरू हुआ है। अब उम्मीद है कि पढ़ाई नहीं छूटेगी, बच्चों के बीच रहकर नियमित पढ़ाई करने से तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी। आनलाइन पढ़ाई अधिक फायदेमंद नहीं है। -नमन, छात्र।
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-स्कूल खुल गए हैं अच्छा लग रहा है। दो साल तक घर पर बैठे बैठे बोर हो गए थे। कक्षा में बैठकर ही कुछ सीखने का अवसर मिलता है। अध्यापकों को समस्याएं बताएंगे तो दूर हो जाएंगी। -गौरव कुमार, छात्र।

-नए शैक्षिक सत्र को लेकर काफी उत्साह है। साथियों के बीच बैठकर पढ़ाई से संबंधित तमाम समस्याएं दूर होंगी। शिक्षकों से सवाल करेंगे और उनका निराकरण विद्यालय में ही हो जाएगा। -रूपा राणा, छात्रा।

-विद्यालय खुलने पर अच्छा लग रहा है। विद्यालय में प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। पढ़ाई से संबंधित परेशानियां भी दूर होंगी। अब नियमित स्कूल खुलने चाहिए। कविता, छात्रा।

बागेश्वर में नहीं पहुंची पूरे विषयों की किताबें
बागेश्वर। शुक्रवार से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है लेकिन अभी तक पूरे विषयों की पुस्तकें नहीं आई हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक वर्ग (कक्षा एक से 8) में 52 में से 41 किताबें जिले में पहुंची हैं, तो माध्यमिक स्तर की 75 में से मात्र तीन पुस्तकें शिक्षा महकमे को मिली हैं।

विगत वर्ष तक कक्षा एक से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तकें दी जाती थी। कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पुस्तकों के लिए विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से रकम दी थी। इस बार शासन ने कक्षा एक से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पुस्तक देने का नियम बनाया है। शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी सभी विषयों की पुस्तकें न मिलने से पढ़ाई में फिलहाल व्यवधान आएगा। अहम बात यह है कि जो पुस्तकें पहुंची भी हैं, तो वह आवंटित नहीं हुई हैं।

आवंटन में भी अभी वक्त लगेगा। जहां मुफ्त मिलने वाली पुस्तकें सभी विषयों की नहीं आई हैं, वहीं बाजारों में एनसीईआरटी की सारे विषयों की किताबें उपलब्ध है। बागेश्वर के पुस्तक विक्रेता भगवान सिंह ने बताया कि इस बाजार में सभी विषयों की पुस्तकें समय से उपलब्ध हो गई हैं। शेष पुस्तकों के लिए मांग भेजी गई है। जल्द ही शेष विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हो जाएगा। प्राप्त पुस्तकों को सोमवार से विद्यालयों को भेजा जाएगा। पदमेंद्र सकलानी, डीईओ, बागेश्वर

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