ताड़ीखेत में पानी के लिए इंतजार करते लोग
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक में पेयजल की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। धूराफाट क्षेत्र के हालात और भी खराब हैं। पेयजल समस्या से जूझ रहे धूूराफाट के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शीघ्र आपूर्ति नहीं होने पर वहां आंदोलन करने की चेेतावनी दी है।
हिड़ाम, बयेड़ी, थराड़, मुसोली, पुनोली, चापड़ आदि धूराफाट क्षेंत्र के गांवों में वर्षों से लोग पानी के लिए परेशान रहते हैं। रीची-थापल ग्राम समूह पेयजल योजना से इन गांवों को पानी उपलब्ध कराया जाता है लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाती। 2009 में यहां पेयजल लाइन भी बिछाई गई लेकिन नई लाइन में पानी नहीं चल पा रहा है। पानी की समस्या को लेकर क्षेत्रवासी कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। आरोप हैं पेयजल समस्या का समाधान नहीं होता, लेकिन विभाग एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ने का काम करते हैं। गर्मियों में इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति ना के बराबर होती है। जिपं सदस्य सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मई में जल संस्थान कार्यालय नैनीताल में अधिकारियों से वार्ता करने का निर्णय लिया है। हल नहीं निकलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, ताड़ीखेत ब्लाक मुख्यालय में भी पानी की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। लोग पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं जबकि इस क्षेत्र में तीन तीन पेयजल योजनाएं हैं। प्रधान मंजीत भगत ने बताया कि नलकूप लगाने की मांग भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।