अल्मोड़ा। कोसी-कसार पेयजल योजना में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। जिस कारण हवालबाग विकासखंड के कई गांवों में ठंड के मौसम में भी लोगों के हलक सूखे हैं। लोग स्थानी गधेरों और स्रोतों से पानी ढो रहे हैं।
कोसी-कसारदेवी पेयजल योजना से माट, मटेना, गधोली को पेयजल आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई सालों में योजना में पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कसारदेवी में बने टैंक तक पानी की आपूर्ति हो रही है लेकिन टीकमगढ़ टैंक तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जबकि टीकमगढ़ टैंक से से माट, मटेना, गधोली आदि गांवों को पेयजल आपूर्ति होती है। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। नल में पानी नहीं टपकने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ते जा रही है। पानी की आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण आसपास के नौलों, गधेरों से पानी ढो रहे हैं। छोटे बच्चों का अधिक समय पानी ढोेने में बीत रहा है। परिवार और पशुओं के लिए पानी का इंतजाम करने में ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ रही है। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। पानी की किल्लत के चलते शादी विवाह आदि बड़े आयोजनों में लोगों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। लोगों ने कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग को सूचना दी लेकिन पानी की आपूर्ति अब तक सुचारू नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी नहीं आने के बावजूद पानी का बिल पूरा चुकाना पड़ रहा है।
ठंड के मौसम में पानी की नियमित आपूर्ति न होने से काफी दिक्कतें हो रही है। इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगाई थी लेकिन अब तक पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई। पेयजल आपूर्ति जल्द सुचारु की जाए ताकि किसी गांव के लोगों को किसी भी तरह की दिक्कतें न हो।
- अर्जुन सिंह मुस्युनी, प्रधान गधोली
नलों में पानी न आने से स्थानीय नौले, गधेरों से पानी ढो रहे हैं। परिवार के एक सदस्य का पूरा दिन पानी ढोने में ही बर्बाद हो जा रहा है। जिससे काफी दिक्कतें हो रही है। लंबे समय से पेयजल वितरण व्यवस्था चरमराई है लेकिन कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक इसमें सुधार नहीं हुआ है।
- मनोज सिंह मेहरा, प्रधान माट