किस भवन में बैठक लेते उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेंद्र अणथ्वाल।
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजेंद्र अनथ्वाल ने कहा है कि राज्य सरकार पशुधन को संरक्षित करने के लिए कार्य कर रही है। साथ ही कृषकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार संकल्पित है। आयोग उपाध्यक्ष विकास भवन में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास है कि गोवंशीय पशुओं को सड़क पर बेसहारा नहीं रहने दिया जाए। राज्य में गो सेवा सदनों और गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने को आर्थिक मदद दी जाएगी। गोवंशीय पशुओं के जन्म-मृत्यु रजिस्टर अवश्य बनाया जाए। जिससे उनकी सही गणना का पता चल सके। गोवंशीय पशुओं की देखरेख में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री स्वयं भी गो माता की सेवा को सबसे बड़ा तीर्थ मानते हैं। सरकार भी गोवंशीय पशुओं के संवर्धन और देखभाल के लिए सार्थक पहल कर रही है। सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गो सेवा समितियां गठित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में 22 गोशालाएं पंजीकृत हैं। इनका विस्तार कर संख्या दो सौ की जाएगी। सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह भूमि बैंक बनाएं। उसमें गोशाला और चारागाहों के लिए भूमि उपलब्ध कराएं। 25 ग्राम पंचायतों के बीच एक गौशाला का निर्माण अवश्य किया जाए। सीडीओ मनुज गोयल ने जिले में संचालति गो सदनों की जानकारी दी। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवींद्र चंद्रा, डीएसपी कमल राम आर्या, पालिका के ईओ श्याम सुंदर, कामिनी कश्यप, डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, डॉ. ममता यादव, डॉ. गणेश सिंह परिहार, डॉ. डी. राज मर्तोलिया, डॉ. सुरेश सिंह गर्ब्याल, अंकित नेगी आदि मौजूद थे।
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