इस तरह तैयार हो रहे चाय को पौध।
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तहसील क्षेत्र में भी शीघ्र ही चाय का उत्पादन होने लगेगा। फिलहाल ऊंचाई वाले तीन क्षेत्रों में में चाय के करीब चार लाख पौध तैयार हो रहे हैं। चाय विकास बोर्ड की पौध पूरी तरह से तैयार होने के बाद चाय बागान विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में चाय उत्पादन शुरू होने के साथ ही रोजगार के अवसरों मिलने की संभावना है।
सब कुछ ठीक रहा तो चौखुटिया घाटी में चाय का उत्पादन होने लगेगा। क्षेत्र के ऊंचाई वाले तीन क्षेत्रों में चाय की नर्सरी विकसित की गई है। जिनमें से जौरासी स्थित नर्सरी में दो लाख पौध, खत्याड़ी में अस्सी हजार और भल्टवानी में एक लाख पौध तैयार हो रही है। जानकारी के अनुसार तीनों नर्सरी में सौ से भी अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं।
चाय विकास बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष कुबेर सिंह कठायत ने बताया कि नर्सरी में पौध तैयार होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के अलावा विकास खंड के तड़ागताल और खीड़ा जैसे कुछ अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चाय बागान विकसित करने की योजना पर कार्य किया गया है।
कोट--
निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा उत्तराखंड में चाय को जीविकोपार्जन के साथ पर्यटक का जरिया बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के तहत ही चौखुटिया घाटी में चाय बागान विकसित करने की दिशा में पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही है। श्री रावत ने इस योजना के लिए प्रथम चरण में पूरे प्रदेश में 39 करोड़ रुपयेका बजट दिया है।
कुबेर सिंह कठायत
पूर्व उपाध्यक्ष चाय विकास बोर्ड
फोटो-कुबेर सिंह कठायत।