वनाग्नि पर काबू पाने के लिए पेयजल लाइन पर लगाया गया हाईड्रेंट प्वाइंट।
- फोटो : अमर उजाला
अल्मोड़ा जिले के सिमतोला ईको पार्क को वनाग्नि से सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने 30 हजार रुपये से पानी के टैंक और हाईड्रेंट प्वाइंट स्थापित किए। विभाग की यह पहल जंगलों को आग से बचाने में मददगार साबित होगी। इससे यहां पर्यटकों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। योजना के तहत 18 लाख रुपये से हर रेंज के 100 संवेदनशील क्षेत्रों में टैंक और हाईड्रेंट प्वाइंट स्थापित किए जाने हैं।
नगर से 12 किमी दूर सिमतोला ईको पार्क पर्यटकों के बीच खास लोकप्रिय है। 64 एकड़ भूमि में देवदार, बबूल, चीड़ आदि से घिरे इस जंगल में हर साल पर्यटक यहां प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाने पहुंचते है। जंगलों की आग से उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। वन विभाग ने वनाग्नि से ईको पार्क की सुरक्षा के लिए छह स्थानों पर टैंक और हाईड्रेंट प्वाइंट स्थापित किए। इसमें 30 हजार खर्च हुए। ऐसे में समय रहते बहुमूल्य वन संपदा को बचाया जा सकेगा। पर्यटकों की भी सुरक्षा बढ़ेगी।
वन्य जीवों को पानी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा
जंगलों में आग की घटनाएं होने पर सबसे अधिक संघर्ष वन्य जीवों को करना पड़ता है। अब वन क्षेत्र भूमि के दो फीट नीचे स्थापित पानी के टैंकों में हमेशा पानी उपलब्ध रहेगा। इससे वन्य जीवों को पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। जंगलों की आग को टैंक में जमा पानी और हाईड्रेंट प्वाइंट को खोल कर आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।
18 लाख रुपये से वन विभाग के हर रेंज में संवेदनशील क्षेत्रों में टैंक और हाईड्रेंट प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इससे समय रहते जंगल की आग पर काबू पाना आसान होगा। इससे वन क्षेत्र में स्थित पर्यटन स्थलों को भी वनाग्नि से बचाया जा सकेगा।
- दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा।