अल्मोड़ा। रक्षाबंधन पर्व पर बहनें रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा कर भाईयों के घर पहुंची और उनकी कलाईयों में राखी बांधी। रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सौगात का महिलाओं ने पूरा लाभ उठाया। पहाड़ से मैदानी क्षेत्र को आने जाने वाली बहनों को मुफ्त यात्रा का पूरा लाभ मिला लेकिन पर्वतीय क्षेत्र की कुछ ही रूटों पर बहनें इससे लाभान्वित हुई। अधिकांश रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से महिलाएं मुफ्त यात्रा से वंचित रहीं। इससे उनमें नाराजगी भी थी।
रोडवेज डिपो अल्मोड़ा से मासी, टनकपुर, अटपेसिया समेत गिने चुने पर्वतीय मार्गों पर ही बसों का संचालन होता है। सालों पहले पिथौरागढ़, झूलाघाट, शीतलाखेत, दन्यां, भनोली, रानीखेत, खेती, ध्याड़ी, झूलाघाट पर्वतीय रूटों पर रोडवेज की बसें चलाई गई थीं लेकिन लोड फैक्टर कम होने की वजह से यह सेवाएं बंद कर दी गई। इससे चलतेे अधिकांश पर्वतीय मार्गों पर रोडवेज की सेवाएं नहीं हैं। रक्षाबंधन पर्व पर पर्वतीय क्षेत्र की अधिकांश रूटों पर रोडवेज की बसों का संचालन न होने से पहाड़ को जाने वाली बहनें रोडवेज की मुफ्त यात्रा से वंचित रहीं। इनको केमू, टैक्सी और अन्य वाहनों से सफर करना पड़ा। बहनों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की सभी रूटों पर रोडवेज की बसों का संचालन किया जाना चाहिए।
पहाड़ के इन रूटों पर बहनों को नहीं मुफ्त यात्रा का लाभ
अल्मोड़ा -पिथौरागढ़- झूलाघाट
अल्मोड़ा- शीतलाखेत- रानीखेत
अल्मोड़ा -रानीखेत- झूलाघाट
अल्मोड़ा - दन्यां-भनोली- खेती
अल्मोड़ा -खेती- बरेली
अल्मोड़ा- बागेश्वर- रीमा दोफाड़
अल्मोड़ा- ध्याड़ी
रोडवेज की चार सेवाएं रही ठप
अल्मोड़ा। चालकों की कमी के कारण रक्षाबंधन पर्व पर भी रविवार को रोडवेज की चार सेवाओं के पहिये जाम रहे। बसों का संचालन नहीं होने के कारण भाईयों के घर आने जाने वाली बहनों और यात्रियों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा। रोडवेज डिपो के मुताबिक चालक की कमी के चलते रविवार को राखी पर डिपो की अल्मोड़ा-दिल्ली सुबह सात बजे, अल्मोड़ा-बेतालघाट-दिल्ली, बागेश्वर-बरेली, धरमघर सेवाओं का संचालन ठप रहा।
कोट
अल्मोड़ा से चंडीगढ़ अपने भाई के घर जा रही हूं। रक्षाबंधन के दिन बहनों को मुफ्त यात्रा की सौगात देना सरकार का सराहनीय प्रयास है। इससे महिलाओं को लाभ मिला है। पर्वतीय मार्गो पर भी रोडवेज बसें चलायी जानी चाहिए ताकि इन रूटों पर भी बहनों को लाभ मिल सके।
इंदिरा कार्की, अल्मोड़ा
रक्षाबंधन पर रोडवेज की बस से अपने भाई के घर पंतनगर जा रही हूं। मुफ्त यात्रा का महिलाओं को लाभ मिला है। अन्य पर्वों पर भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। पहाड़ की सभी रूटों पर रोडवेज बसें चलाईं जानी चाहिए ताकि वहां की बहनें भी मुफ्त यात्रा कर भाई के घर जा सकें।
भगवती तिवारी, अल्मोड़ा
बहनों को रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देना प्रदेश की महिलाओं का सम्मान है। नैनीताल अपने भाई के घर जा रही है। यह सौगात आगे भी जारी रखी जानी चाहिए ताकि हमेशा ही महिलाओं को लाभ मिले।
लीलिमा आर्य, अल्मोड़ा
रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा का आज हजारों बहनों को लाभ मिला है लेकिन पहाड़ की कई रूटों पर बसें न होने से हजारों बहनें मुफ्त यात्रा लाभ से वंचित भी रहीं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए कि सभी का इसका लाभ मिल सके।
तनुजा आर्या, अल्मोड़ा
रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली बहनों की संख्या की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। रोडवेज बसों के डिपो में वापस लौटने के बाद ही पता चलेगा कि रक्षाबंधन पर्व पर कितनी बहनों, महिलाओं ने मुफ्त यात्रा का लाभ उठाया है। अभी डिपो में इस संबंध में कोई आंकडे नहीं है।
केसी जोशी, वरिष्ठ स्टेशन इंचार्ज रोडवेज डिपो अल्मोड़ा
रक्षाबंधन पर 11 डाकियों ने 300 से अधिक राखियां बांटी
अल्मोड़ा। रविवार को रक्षाबंधन के अवकाश के बीच भी डाक विभाग की ओर से राखी बंटवाने का कार्य किया गया। डाकियों ने स्पेशल ड्यूटी के तहत घर-घर राखियां बांटी। अल्मोड़ा प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर चंद्रशेखर परगाई ने बताया कि नगर में कुल 11 डाकियों ने ड्यूटी करते हुए लगभग 300 से अधिक राखियां बांटी।
रक्षाबंधन पर बहनों निशुल्क ले जाते हैं गोलू भाई
बागेश्वर। बागेश्वर से दोफाड़-रीमा-कोटमन्या तक रोजाना टैक्सी चलाने वाले गोलू कालाकाटी उर्फ गोलू भाई हर रक्षाबंधन पर बहनों को निशुल्क यात्रा की सौगात देते हैं। पिछले 12 वर्ष से हर रक्षाबंधन पर वह बहनों को निशुल्क सफर करा रहे हैं। इस वर्ष भी रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने जा रही महिलाओं ने उनके वाहन में निशुल्क सफर किया।
दोफाड़ गांव के रहने वाले गोलू कालाकोटी दो टैक्सियों के मालिक हैं। अपने वाहन से वह रोजाना बागेश्वर से कोटमन्या तक की आवाजाही करते हैं। मिलनसार और मददगार व्यवहार के चलते वह क्षेत्रवासियों के बीच गोलू भाई नाम से लोकप्रिय हैं। वह रोजाना सवारियां ले जाने के साथ लोगों के हर छोटे-बड़े काम भी निशुल्क करते हैं। वर्ष 2009 से वह रक्षाबंधन पर एक वाहन में बहनों को निशुल्क यात्रा कराते आ रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे वर्षभर वह क्षेत्रवासियों की सेवा कर आजीविका कमाते हैं, रक्षाबंधन के दिन बहनों की निशुल्क सेवा कर उन्हें आनंद की अनुभूति होती है। जब तक वह टैक्सी चलाएंगे, रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा कराते रहेंगे। इसके अलावा लाहुर गांव के रहने वाले पूरन सिंह पांडा ने भी रक्षाबंधन पर बहनों को निशुल्क यात्रा करवाई। वह रोजाना कपकोट से हल्द्वानी के लिए सवारी ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के उपलक्ष्य पर वाहन में बहनों को फ्री यात्रा करवाकर रक्षाबंधन का उपहार देने का प्रयास है।
रोडवेज की 6 बसों में कराया बहनों को मुफ्त सफर
बागेश्वर। जिले में संचालित लंबी दूरी की पांच बसों के साथ ही बागेश्वर से अल्मोड़ा के लिए संचालित बस में बहनों को मुफ्त यात्रा का लाभ मिला। हालांकि आंतरिक मार्गों पर रोडवेज की बस सेवा संचालित न होने के कारण बहनें रोडवेज की मुफ्त बस सेवा का लाभ लेने से वंचित रहीं। जिले से धरमघर-दिल्ली वाया कांडा, मुनस्यारी-दिल्ली, अठपैसिया-दिल्ली, बागेश्वर-बरेली, बागेश्वर-देहरादून और बागेश्वर-अल्मोड़ा बस सेवा का संचालन होता है। इनमें पांच बस लंबी दूरी की होने से स्थानीय बहनों को इनका लाभ कम मिला। संवाद