जिले में 90 प्रतिशत इंटर कॉलेज मुखिया विहीन है। यहां संचालित 145 इंटर कॉलेज में से केवल 13 में प्रधानाचार्य तैनात हैं। 132 राजकीय इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन आहरण, अन्य बिलों के भुगतान में समस्या आ रही है। शिक्षक इसके लिए अन्य विद्यालयों में तैनात प्रभारी प्रधानाचार्यों के यहां चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों की सूचना शिक्षा निदेशालय को दी गई है। नियुक्ति शासन स्तर से ही संभव है। व्यवस्था के तहत कार्य किया जा रहा है। - अंबा दत्त बलोदी, सीईओ, अल्मोड़ा।
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बागेश्वर के 58 जीआईसी में प्रधानाचार्य का पद खाली
जिले के 61 जीआईसी में से 58 सरकारी इंटर कॉलेज बगैर प्रधानाचार्य के संचालित हो रहे हैं। केवल तीन विद्यालयों में प्रधानाचार्य हैं। शेष 58 जीआईसी प्रभारी के भरोसे हैं। जिले में करीब दस साल से प्रधानाचार्यों की कमी बनी हुई है। हाल के वर्षों में करीब दस से अधिक सरकारी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हुए लेकिन तैनाती एक पर भी नहीं हुई। अभिभावक प्रधानाचार्यों की कमी का मामला लगातार शिक्षा विभाग, नेता और सरकार के सामने उठाते रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर तैनाती के लिए विद्यालयी शिक्षा निदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। विद्यालय व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जा रहे हैं। इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। -जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर।