मालरोड में रोडवेज स्टेशन के पास स्थित शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर काफी देर हंगामा काटा। व्यापारियों ने ठेकेदार के कर्मचारियों को दुकान नहीं खोलने दी। सूचना पर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से वार्ता की।
व्यापारियों ने मसला सुलझाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। दोपहर बाद ठेकेदार के कार्मिकों के दुकान खोलने पर शराब की बिक्री शुरू हुई। नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारी पिछले कई दिनों से रोडवेज स्टेशन स्थित दुकान अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे।
संगठन ने एक अप्रैल से वर्तमान स्थान पर दुकान नहीं खुलने देने का एलान किया था। शुक्रवार सुबह ही व्यापार मंडल के पदाधिकारी दुकान के आगे एकत्र हो गए। उन्होंने ठेकेदार के आदमियों को दुकान का ताला नहीं खोलने दिया। हंगामा बढ़ने पर कोतवाल पीसी भट्ट और जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने व्यापारियों को समझाया, लेकिन वह नहीं माने। व्यापारियों का आरोप था कि मानकों को ताक पर रखकर पिछले कई सालों से बस स्टेशन में शराब की दुकान संचालित करने की अनुमति दी जाती रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि यहां किसी हालत में शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
इस बीच काफी देर तक वार्ताओं का दौर चलता रहा। आबकारी अधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर इस मामले में नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद दुकान से शराब की बिक्री शुरू हो सकी। प्रदर्शन और वार्ता में नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, महासचिव मनोज सिंह पवार, उपाध्यक्ष दीपक वर्मा, दीपेश जोशी, कोषाध्यक्ष विजय भट्ट, वकुल साह, अमित साह आदि थे।