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पटरी पर नहीं आ पा रही रानीखेत रोडवेज डिपो की व्यवस्थाएं

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रानीखेत का रोडवेज डिपो कार्यालय। संवाद - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड परिवहन निगम के रानीखेत डिपो की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रहीं हैं। हालांकि भवाली डिपो में विलय का मामला फिलहाल शांत है, लेकिन स्थानीय डिपो में चालकों, परिचालकों के अलावा तमाम आला अधिकारियों का अभाव बना हुआ है। यहां से 29 बसों का संचालन अन्य राज्यों के लिए भी होता है लेकिन चालक, परिचालकों की बेहद कमी है। इसके अलावा यहां ना तो स्थायी एआरएम हैं और ना ही स्टेशन इंचार्ज, जूनियर फोरमैन का पद भी खाली पड़ा हुआ है। डिपो के तमाम कार्य इससे प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय संबंधी कार्य निपटाने में तमाम दिक्कतें बनी हुई हैं। समस्या का यह सिलसिला पिछले पांच महीने से चल रहा है।
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रानीखेत स्थित डिपो को पूर्व में जिले का सबसे बड़े डिपो का दर्जा हासिल था। यहां 65 बसों का भारी भरकम बेड़ा हुआ करता था और छोटे-छोटे स्टेशनों के लिए भी भरपूर वाहनों का संचालन होता था। राज्य बनने के बाद निरंतर डिपो की हालत बिगड़ती गई। 2022 में तो हालात यहां तक पहुंच गए कि डिपो का भवाली डिपो में विलय के शासनादेश तक हो गया। इसके बाद विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने परिवहन मंत्री से मुलाकात की और अन्य स्थानों से भी दबाव बना, फिलहाल यह मामला स्थगित कर दिया गया है। स्थानीय डिपो में अधिकारी और चालक, परिचालकों का बेहद अभाव है।
चालक के यहां 15, परिचालक के 10 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा महीनों से स्थायी एआरएम और स्टेशन इंचार्ज, वरिष्ठ लेखाकार के पद रिक्त हैं। जूनियर फोरमैन का पद भी रिक्त चल रहा है। रोडवेज संयुक्त कर्मचारी परिषद के प्रदेश सदस्य मनोहर रावत ने कहा कि अधिकारी नहीं होने से बड़ी दिक्कतें हो रही हैं। यदि शीघ्र यहां अधिकारी, चालक, परिचालकों की नियुक्ति नहीं होती तो आंदोलन होगा। यहां से दिल्ली के लिए सात, देहरादून के लिए दो, लखनऊ के लिए एक तथा कर्णप्रयाग, बरेली-गोलूछिना के लिए एक एक बसों का संचालन होता है।
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- स्टाफ, चालक, परिचालकों की कमी अल्मोड़ा, रानीखेत सभी जगह है। हर महीने निगम मुख्यालय को स्टाफ से संबंधित तमाम सूचनाएं भेजी जाती हैं। आग की कार्रवाई मुख्यालय से ही होती है।-विजय तिवारी, प्रभारी एआरएम, रानीखेत डिपो।
-रानीखेत रोडवेज डिपो को उसका पुराना गौरव लौटाने के लिए प्रयासरत हूं। डिपो का विलय रुकवा दिया है। चालक, परिचालक और स्टाफ की कमी संबंधी ज्ञापन भी कर्मचारी नेताओं ने दिया है। इसे फिर से परिवहन मंत्री के सम्मुख रखूंगा।-डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक रानीखेत।
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