चौगांव पट्टी में आपदा से ध्वस्त भवन की दीवार। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। दैवी आपदा ने रानीखेत क्षेत्र के धूराफाट, चौगांव सहित तमाम स्थानों पर काश्तकारों को गहरे जख्म दिए हैं। बेमौसमी सब्जी पट्टी के रूप में मशहूर धूराफाट क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। भट, गहत, मोठ की दालें बरबाद हो गई हैं। जगह जगह खेत टूटने या जल भराव से सब्जियों को खासा नुकसान हुआ है। लखोरी मिर्च भी बरबाद हो गई है। काश्तकारों का कहना है कि पहले तो भाव नहीं मिले, अब रही सही कसर आपदा ने पूरी कर दी। चौगांव पट्टी में सड़क का पांच सौ मीटर हिस्सा आपदा की भेंट चढ़ गया।
रविवार की शाम शुरू हुई बेमौसमी बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में खासा कहर बरपाया है। चौगांव पट्टी में मथुरा सिंह का भवन और शौचालय टूट गया, पीपल का बड़ा पेड़ जड़ से उखड़ गया। खग्यार में गुरु गोरखनाथ की धूणी की चारों दीवारें क्षतिग्रस्त होने से अन्य भवनों को भी खतरा हो गया है। चंदन सिंह का खेत जगह जगह टूट गए। उधर, धूराफाट के टूनाकोट सेरा में किसानों की कई नाली उपजाऊ भूमि को आपदा लील गई। बगवान, विशालकोट, तल्ला मयूं, नौघर में भी काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक शासन प्रशासन के लोग भी गांव में नहीं पहुंचे हैं।
-हमारे धूराफाट क्षेत्र में किसानों के खेत बरबाद हो गए, हल्द्यानी गधेरे पर बनी पुलिया बह गई। सब्जियां, फल, सब्जियां सब तबाह हो चुकी हैं। जानवरों के लिए धास की समस्या खड़ी हो गई है। पहले तो सब्जियों के भाव नहीं मिले, अब आपदा ने कमी पूरी कर दी। प्रशासन के लोग अभी तक गांव नहीं पहुंचे।-प्रकाश करायत, किसान धूराफाट क्षेत्र।
-जीवन में पहली बार इतनी बड़ी आपदा देखी है। चौगांव पट्टी में तमाम रास्ते ध्वस्त हो चुके हैं। कई मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है। खेतों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के संपर्क मार्ग तक नहीं बचे हैं। ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हो रहे हैं। शौचालय, गौशाला, आंगन सब कुछ टूट चुके हैं।-प्रकाश जोशी, खग्यार, चौगांव पट्टी।