31 मार्च को समाप्त हो रहा है जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र मानसिक रोग विशेषज्ञ का अनुबंध
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिला अस्पताल में इस हफ्ते ही मानसिक रोग विशेषज्ञ का परामर्श मिलेगा। 31 मार्च को अस्पताल में तैनात एकमात्र मानसिक रोग विशेषज्ञ का अनुबंध समाप्त हो रहा है।
अप्रैल 2021 में जिला अस्पताल में बमुश्किल अनुबंध पर मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी। उनकी तैनाती से यहां मानसिक रोग से जूझते हुए हर रोज पहुंचने वाले 15 से 20 मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिल रहा है। बागेश्वर सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों से मानसिक रोगी उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अनुबंध समाप्त होने पर नए चिकित्सक की तैनाती होनी है। इस समय आचार संहिता लागू है और नए चिकित्सकों की तैनाती का रास्ता भी बंद है।
एक साल में दोगुनी हुई मानसिक रोगियों की संख्या
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में तैनात मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रितिका सिंह ने बताया कि भागदौड़ के जीवन में मानसिक रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बताया कि एक साल पूर्व तक जिले में हर साल औसतन मानसिक रोग से जूझते हुए 80 से 120 लोग पहुंचते थे। वर्तमान में यह संख्या दोगुनी से भी अधिक पहुंच रही है।
लक्षण और बचाव
-उदास या एकाकी रहना, भ्रमित सोच, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम होना, अत्यधिक भय या चिंता, सामाजिक गतिविधियों से दूर रहना मानसिक रोग के लक्षण हो सकते हैं। तनाव से दूर रहना, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, सामाजिक व्यस्तता, नशे से दूर रहना मानसिक रोग से बचाव के तरीके हैं। लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह जरूरी है।
कोट-अनुबंध खत्म होने पर नियमों के तहत नए चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के हरसंभव प्रयास हो रहे हैं।
डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।