अल्मोड़ा। आयुष मंत्रालय के तहत मोहान में स्थापित इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण के विरोध में अब कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। फैक्टरी के वरिष्ठ कर्मचारी जयपाल रावत ने बताया कि कर्मचारी निजीकरण के फैसले को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने अब 10 अक्तूबर से फैक्टरी परिसर में धरना प्रदर्शन शुरु करने की घोषणा की है। वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस मामले को लेकर अब 15 अक्तूबर को रामनगर में पदयात्रा निकालने की घोषणा की है।
1978 में जिले के मोहान में आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के निर्माण के लिए आईएमपीसीएल की स्थापना की गई थी। यह उत्तराखंड की एक ऐसी कंपनी है जहां से विदेशों में भी दवाइयों की सप्लाई की जाती है। मगर कुछ सालों से इस कंपनी को केंद्र सरकार द्वारा निजी हाथों में दिए जाने की सुगबुगाहट चल रही थी। इससे यहां काम कर रहे 500 से अधिक कार्मिकों का भविष्य दांव पर लग गया है।
सूत्रों की मानें तो यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में अब यहां काम कर कर्मचारियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। यहां काम कर रहे कार्मिकों का कहना है कि अगर फैक्टरी का निजीकरण हुआ तो कर्मचारियों की आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा।
पूर्व सीएम रावत ने किया एलान, निकालेंगे पदयात्रा
प्रदेश के पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी मोहान दवा फैक्टरी का निजीकरण करने का पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के निजीकरण के विरोध में रावत अपने समर्थकों के साथ 15 अक्तूबर को रामनगर से मोहान तक पदयात्रा निकालेंगे।