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धान की पैदावार बंपर होने से असिंचित और सिंचित क्षेत्र के काश्तकारों के चेहरे सालों बाद खिले

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गरुड़ में धान की लहराती फसल - फोटो : GARUD
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गरुड़ (बागेश्वर)। लगातार बारिश होने से इस बार सिंचित और असिंचित क्षेत्र के काश्तकारों के चेहरों पर मुस्कान है। चैती धान की असिंचित इलाकों में बंपर पैदावार हुई है। अधिकांश काश्तकारों ने पुराना धान बेचना शुरू कर दिया है।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 15 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की खेती की जाती है। जिले में गरुड़ ब्लॉक में सर्वाधिक धान होता है। सिंचित भूमि में बीएल 85,65 प्रजाति की खेती होती है। जबकि असिंचित भूमि में बीएल 207 की फसल होती है।
राजस्व विभाग की फसल कटिंग के अनुसार धान की पैदावार 10 -20 बढ़ी है। पप्या गांव के काश्तकार गोपाल सिंह परिहार, अणां गांव के प्रगतिशील काश्तकार ठाकुर सिंह रावत ने बताया कि पांच साल बाद चैती धान का रिकार्ड उत्पादन हुआ है।
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किसान क्लब देवना के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया,पुरुड़ा गांव के कंचन सिंह थायत,मेलाडुंगरी के बलंवत सिंह भंडारी ने बताया कि धान का रिकार्ड उत्पादन महिलाओं की कड़ी मेहनत और समय समय पर बारिश होने से हुआ है।
धान की फसल का इस बार गरुड़ में रिकार्ड उत्पादन हुआ है। उन्होंने बताया कि विकास खंड गरुड़ में सबसे ज्यादा पैदावार गढ़सेर, देवनाई,राजसेरा,नौघर, पुुरुड़ा, पिंगलों, जिनखोला आदि गांवों में हुआ है। पिछले पांच सालों में इस बार सबसे ज्यादा पैदावार हुई है। -नवीन जोशी, ब्लॉक कृषि प्रभारी, गरुड़
समय समय पर बारिश और काश्तकारों के श्रम और विभाग अधिकारियों के मार्ग दर्शन से इसबार जिले में धान की रिकार्ड पैदावार हुई है। विभाग जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।
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वाईपी मौर्या, जिला कृषि अधिकारी
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