ब्लाक कार्यालय के अधिकारी कार्यालय में समय से पहुंच रहे हैं। अलबत्ता मनरेगा के तहत कराए कार्यों का समय से भुगतान नहीं होने को लेकर प्रधानों को शिकायत है। एक प्रधान का कहना था कि उनकी भूमिका महज पोस्टमैन की रह गई है।
ब्लाक कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में समय से पहुंच रहे हैं। अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार सुबह साढ़े दस बजे खंड विकास अधिकारी ऑफिस पहुंची तो उस वक्त बीडीओ और एबीडीओ सहित सभी अपनी सीटों पर मिले।
इस दौरान खंड विकास अधिकारी मोहन चंद्र जोशी अपने कार्यालय में लेखा लिपिकों के साथ ग्राम पंचायतों के विभिन्न आंकड़ों आदि का मिलान कर रहे थे। जबकि एबीडीओ बीएम गुरुरानी, मुख्य लिपिक, सहायक लिपिक, समाज कल्याण अधिकारी सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी सीटों पर कार्य करने में व्यस्त थे।
वर्तमान में ब्लाक कार्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके चलते ब्लाक कार्यालय परिसर के ही कुछ अन्य कमरों में संचालित हो रहा है जिसमें जगह आदि का भी अभाव है। जिससे थोड़ा दिक्कत भी हो रही है।
इस दौरान मिले ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह ने बताया कि मनरेगा के तहत पूर्व में किए गए कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है जबकि नए कार्यों के आंगणन में विलंब हो रहा है। उडलीखान के प्रधान जीवन नेगी का कहना था कि प्रधान सिर्फ पोस्टमैन बनकर रह गया है। अधिकारों में कटौती से प्रधान ठगा ठगा सा महसूस कर रहे हैं।