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Almora News: जल्द अस्तित्व में आएगी दवा कंपनी आल्पस, सिविक सर्विसेज ने NCLT के आदेश के बाद किया अधिग्रहण

Wed, 25 Sep 2024 01:57 PM IST
हीरा मेहरा बृजेश तिवारी, संवाद

सार

कुमाऊं की सबसे बड़ी दवा कंपनी आल्पस जल्द फिर से अस्तित्व में आएगी। एनसीएलटी के आदेश के बाद दिल्ली की सिविक सर्विसेज होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है। 
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जल्द अस्तित्व में आएगी दवा कंपनी आल्पस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुमाऊं की सबसे बड़ी दवा कंपनी आल्पस जल्द फिर से अस्तित्व में आएगी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश के बाद दिल्ली की सिविक सर्विसेज होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने इस कंपनी का अधिग्रहण कर लिया है। कंपनी के शुरू होने के बाद अल्मोड़ा ही नहीं बल्कि कुमाऊं के सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकेंगे।

अविभाजित उत्तर प्रदेश में वर्ष 1975 में इस कंपनी के डायरेक्टर खजान जोशी ने अल्मोड़ा में एक छोटे उद्योग के रूप में आल्पस की शुरुआत की थी। उस दौर में उद्योगों को प्रोत्साहन दिए जाने के कारण आल्पस ने कम समय में अच्छी शुरुआत की। उस समय उत्तर प्रदेश की अधिकतर सरकारी संस्थाओं के अलावा महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में दवा की आपूर्ति इसी फैक्टरी से होती थी। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन होने के बाद यूपी व अन्य राज्यों से आल्पस को मिल रहा व्यवसाय भी खत्म हो गया। नवगठित प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के दावे तो हुए लेकिन छोटे और मझौले उद्याेगों को फिर भी कोई बढ़ावा नहीं मिल पाया। मजबूरी में आल्पस कंपनी को अपना अस्तित्व बचाने के लिए बाहरी कंपनियों का सहारा लेना पड़ा।

गुजरात की एक कंपनी समेत जिन भी कंपनियों ने इस कंपनी को टेकओवर किया। उनके दस्तावेजों में कंपनी लगातार घाटे में रही। अन्य कई विवादों के चलते यह कंपनी वर्ष 2018 के आसपास पूरी तरह बंद हो गई और यहां काम करने वाले डेढ़ सौ से अधिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे।

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नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में चला मामला
आल्पस दवा कंपनी के बंद होने के बाद यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में चला। एनसीएलटी के आदेश के बाद दिल्ली की सिविक सर्विसेज को आल्पस की सभी परिसंपत्तियों पर पूर्ण कब्जा दे दिया गया। अब कंपनी ने छह से सात महीनों में अल्मोड़ा फार्मास्युटिकल के पातालदेवी में स्थित संयंत्र में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसकी कवायद शुरु कर दी गई है।

 

 

 

 

उत्पादन बढ़ाने की भी है योजना

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सिविक सर्विसेज के तहत शुरू होने वाली आल्पस फार्मास्युटिकल ने कुमाऊं में करीब एक हजार से अधिक रोजगार सृजन करने के अलावा मध्यम अवधि में उत्पादन बढ़ाने की योजना भी बनाई है। इसके तहत इंजेक्शन एम्पुल्स की मौजूदा उत्पादन क्षमता 75 हजार को बढ़ाकर एक लाख करने, इंजेक्शन की शीशियों की क्षमता को 24 सौ लीटर से तीन हजार लीटर प्रति शिफ्ट करने, सिरप की क्षमता को 20 हजार लीटर से बढ़ाकर 25 हजार लीटर प्रति शिफ्ट करने और कैप्सूल की मौजूदा क्षमता दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख प्रति शिफ्ट करने का भी लक्ष्य रखा है।

कुमाऊं की सबसे पुरानी दवा कंपनी आल्पस में जल्द उत्पादन शुरू होगा। कंपनी बंद होने के बाद जो योग्य कर्मचारी बेरोजगार हो गए थे। उन्हें भी योग्यता अनुसार रोजगार देने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही हमारा उद्देश्य उत्तराखंड में एक अग्रणी दवा निर्माता बनकर टिकाऊ और दीर्घकालिक मूल्य बनाना भी है।
-डाॅ. गिरीश मैनाली, एडिशनल डायरेक्टर, आल्पस

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