अल्मोड़ा। हवालबाग ब्लॉक के दौलाघट क्षेत्र में इन दिनों तेंदुए का आतंक है। तेंदुआ लगातार लोगों के पालतू मवेशियों को अपना निवाला बना रहा है। तेंदुआ पकड़ने की मांग के लिए शुक्रवार को ग्रामीणों ने अपने पालतू मवेशियों को लेकर सड़क पर जाम लगाया।
ग्रामीणों का कहना था कि तेंदुए के कारण वह डर के साये में जी रहे हैं।
दौलाघट के सिलानी, केस्ता और रिखे गांव के ग्रामीणों में तेंदुए का आतंक है। पूर्व यूसीडीएफ प्रतिनिधि ललित मोहन तिवारी और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य, डायरेक्टर दुग्ध संघ अल्मोड़ा महेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आक्रोशित ग्रामीणों ने पालतू मवेशी और तख्ती बैनर को हाथ में पकड़ कर वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द से जल्द तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ललित मोहन तिवारी ने कहा कि सिलानी, केस्ता और रिखे सहित दौलाघट के दर्जनों गांवों में में तेंदुआ रोज ग्रामीणों के पालतू पशुओं को निशाना बना रहा है। एक माह में तेंदुआ इन गांवों में 3 गाय और 12 बकरियों को निवाला बना चुका है। पूर्व में वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया और विभाग ने पिंजरा हटा दिया। प्रदर्शन करने वालों में उपाध्यक्ष दुग्ध संघ अल्मोड़ा की नीमा देवी, ग्राम प्रधान ममता बिष्ट, चंपा देवी, हेमा, रमा देवी, दीपा देवी, ममता, मंजू, अनीता, रमा, हेमा, ज्योति, खगोति देवी, जानकी, हीरा देवी, कृपाल सिंह, बचे सिंह, गोविन्द सिंह, पान सिंह, भगवान सिंह, बालम सिंह, षिवराम, मोहन राम, ग्रीष बिष्ट, हर सिंह, शंकर सिंह आदि थे।