धौलछीना (अल्मोड़ा)। भैसियाछाना ब्लॉक के शेराघाट स्थित जैगन नदी पर पिछले आठ सालों से स्टील गार्डर पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इस नदी पर नौ करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जाना था। पुल निर्माण न होने से यहां की शेराघाट- कुंज किमौला सड़क का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिससे क्षेत्र में निवास करने वाली करीब चार हजार की आबादी को यातायात में असुविधा हो रही है।
शेराघाट-कुंज किमौला सड़क के बीच से जैगन नदी गुजरती हैै। इसी सड़क पर स्टील गार्डर पुल का निर्माण होना था। बारिश में जैगन नदी में पानी का बहाव तेज होने पर लोग अपने वाहन सड़क से नहीं निकाल सकते। जिससे चार महीने यहां यातायात पूरी तरह से बाधित रहता है। ग्रामीणों को काफी दूरी तय कर पैदल पुलों से आवाजाही करनी पड़ती है। बारिश अधिक होने पर विकास खंड के कई गांवों का संपर्क भी मुख्यालय से पूरी तरह टूट जाता है। कई बार तो लोगों को रोजमर्रा की चीजें भी नहीं मिल पाती। आठ साल पहले इस स्थान पर 90 मीटर पुल का निर्माण स्वीकृत हुआ था। जिसकी निविदा प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। लेकिन आज तक पुल न बनने से सरयू घाटी के तल्ली नाली, मल्ली नाली, तरूला, सलूडी, लवेटा, उमेर, जिगल, सलाभाटकोर्ट, नायल, कुंजकीमौला, हरडा और न्यूली गांव के लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पा रही है।
यातायात सुविधा न होने से काश्तकार उठा रहे नुकसान
धौलछीना। भैंसियाछाना ब्लॉक का सरयू घाटी क्षेत्र तल्ला रीठा गांव फसलों के उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण समझा जाता है। साल, शीशम, चीड़, आंवला, खैर आदि उपयोगी वन संपदा वाले वृक्षों से हरे भरे इस क्षेत्र में गेहूं, धान, मक्का, उड़द, गैहत दाल, आम, अमरूद, नाशपाती, केला, पपीता, आदि का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। लेकिन यातायात सुविधाओं के अभाव में काश्तकार उत्पादन को मंडी तक नहीं पहुंचा पाते। जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।