अल्मोड़ा में प्रेस वार्ता करते राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा
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अल्मोड़ा। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग अल्मोड़ा-हल्द्वानी की बदहाली डबल इंजन सरकार की विकास विरोधी नीतियों को दर्शा रहा है। कई सालों से सड़क बदहाल है लेकिन डबल इंजन सरकार ने इसकी सुध नहीं। सांसद अजय टम्टा ने अपने कार्यकाल के तीन साल बाद बदहाल सड़क की सुध ली। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार को विकास से कोई लेना देना नहीं रह गया है।
सांसद टम्टा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि लंबे समय से एनएच अल्मोड़ा-हल्द्वानी खस्ताहाल है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे जनता को काफी दिक्कतें होतीं हैं। चंडीगढ़ से शिमला की दूरी 100 किमी है। यहां छह लेन की एनएच बन चुकी है। इससे सफर एक घंटे में पूरा हो रहा है पर एनएच अल्मोड़ा-हल्द्वानी आज भी उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार में स्वीकृत हुई सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-जौजलीबी मोटर मार्ग का कोई पता नहीं है। बैजनाथ-बागेश्वर-कपकोट, शामा-तेजम-मुनस्यारी से जौलजीबी तक की सड़क भारत माला परियोजना के तहत ली गई थी। कर्णप्रयाग से ग्वालदम तक को सड़क ठीक हो गई पर इससे आगे अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में सड़क बदहाल है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत माला परियोजना-2 शुरू कर दी है पर ये सड़क कब बनेगी किसी को पता नहीं। उन्होंने कहा कि पहाड़ जीवनदायी प्राणवायु दे रहा है। सरकार से ग्रीन बोनस की मांग की थी पर अब तक पूरी न हुई। नमामि गंगे परियोजना से सरयू, काली, गौरी, धौली नदियों को भी जोड़ने की मांग की गई थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि करन मेहरा के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। यशपाल आर्य के बतौर नेता प्रतिपक्ष के अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगी।