धौलछीना (अल्मोड़ा)। ढाई साल के इंतजार के बाद विकासखंड भैंसियाछाना की क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक मंगलवार को ब्लॉक प्रमुख खुशबू पांडे की अध्यक्षता में हुई। बीडीसी सदस्यों ने बिजली, शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, मनरेगा, पशुपालन की समस्याएं उठाईं। सीडीओ नवनीत पांडे समेत कई विभागीय अधिकारियों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को दी।
चुनाव जीतने के करीब ढाई साल बाद पहली बार सदन में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने परिचय के बाद अपने क्षेत्रों की समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव रखे। बैठक में सुपई के क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरधर सिंह ने पानी की आपूर्ति सुधारने की मांग की। ग्राम प्रधान कलौन चंदन सिंह मेहरा ने बिनसर कांचुला पेयजल योजना से पर्याप्त पानी न मिलने, धौलछीना के लिए नई पेयजल योजना बनाने की मांग रखी। ग्राम प्रधान दियारी प्रेमा बिष्ट ने प्राइमरी पाठशाला रूपीकूड़ा में पेयजल लाइन बनाने, ग्राम प्रधान दसों ने पेयजल लाइन के पाइप बदलने की मांग रखी। कई जनप्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन का कार्य शुरू न होने की शिकायत भी की। सदस्यों ने सुपई में सड़क की दीवार निर्माण, जिंगल में सड़क पर स्कबर बनाने, पेटसाल पूनाकोट रोड का मुआवजा दिलाने, चितई से पेटसाल तक मार्ग निर्माण कराने, धौलछीना से महतगांव तक लिंक मार्ग बनाने, आपदा से क्षतिग्रस्त दियारी काचुला मोटर मार्ग सुधारने, दशाऊ से बमनस्वाल तक डामरीकरण करवाने की मांग रखी। सदस्यों ने स्वास्थ्य केंद्र धौलछीना में स्टाफ की नियुक्ति, धौलछीना में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने, सल्ला में एएनएम सेंटर खोलने की मांग भी की। डीडीओ केएन तिवारी ने अमृत महोत्सव के तहत मनरेगा योजना से गांवों में तालाब बनाने की जानकारी दी। विधायक मनोज तिवारी ने अधिकारियों से सदस्यों के प्रस्तावों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण करने का निर्देश दिया। बीडीओ हेम चंद्र कांडपाल ने बैठक का संचालन किया। बैठक में एसडीएम गोपाल चौहान, सीईओ सुभाष भट्ट, सीएमओ डॉ. आरसी पंत, सीएओ डी कुमार, एडीओ विद्युत अजय भारद्वाज, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, ईई संजय भारती, खाद्य आपूर्ति अधिकारी दिव्या पांडेे मौजूद रहे।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी
धौलछीना। ढाई साल बाद हुई बीडीसी बैठक से लोनिवि के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता अनुपस्थिति रहे। बैठक में उनके उपस्थित न होने पर बीडीसी सदस्यों ने नाराजगी जताई। सदस्यों का कहना था कि जब अधिकारी ही बैठक में उपस्थित नहीं हैं तो लोनिवि से संबंधित समस्याएं किसे बताएं। जब अधिकारी बीडीसी बैठक को ही महत्व नहीं दे रहे हैं तो जनता के लिए किए जा रहे विकास कार्यों के साथ किस तरह से न्याय करेंगे।
निशाने पर रहा ऊर्जा निगम
धौलछीना। बीडीसी बैठक में सबसे अधिक ऊर्जा निगम सदस्यों के निशाने पर रहा। सदस्यों ने कई गांव में बिजली आपूर्ति, क्षतिग्रस्त पोल, झूलते तार, लो वोल्टेज की समस्या उठाई। बबूरियानायल, लिंगुणता, हरड़ा, सल्यूड़ी, कुंजरतोड़ा, बडगल, कांचुला, कलोन, दियारी के प्रतिनिधियों ने बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग की। विधायक मनोज तिवारी ने वर्ष 2010 में बने विद्युत सब स्टेशन कनारीछीना के 12 साल बाद भी संचालित न होने पर नाराजगी जता सीडीओ से इसके निर्माण में हुई अनियमितता जांच कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बार-बार मरम्मत के नाम पर पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। बाड़ेछीना से धौलछीना के बीच बरसों पुरानी 11 केवी विद्युत लाइन भी कई जगह क्षतिग्रस्त होने से आए दिन विकासखंड में विद्युत व्यवधान रहता है।
विमलकोट मंदिर को पर्यटन स्थल से जोड़ने की कवायद
धौलछीना। बीडीसी बैठक में मां विमलकोट मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा की गई। अमर उजाला ने अपनी खबर के माध्यम से मां विमलकोट मंदिर में पर्यटन स्थल की संभावनाओं को उजागर किया था। इसका संज्ञान लेकर मंगलवार को हुई बीडीसी बैठक में सीडीओ ने पर्यटन अधिकारी और एसडीएम को मंदिर का निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां से वृद्ध जागेश्वर, आनंदी माई आश्रम और बिनसर पैदल ट्रैक को जोड़ा जा सकता है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
धौलछीना बीडीसी बैठक में मौजूद लोग।- फोटो : ALMORA