सरकार ने अल्मोड़ा कलक्ट्रेट से विकास भवन और कसारदेवी तक रोप-वे बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस योजना को आज तक अमल में नहीं लाया जा सका है। यदि रोप-वे बन जाएं तो यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे,वहीं विकास भवन जाने वाले कर्मचारियों को भी सुविधा होगी।
जिले में पर्यटन की दृष्टि से कई रमणीय स्थल हैं लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से इन स्थलों तक पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं। पूर्व में सरकार ने अल्मोड़ा कलक्ट्रेट से पांडेखोला विकास भवन और कसारदेवी तक रोप-वे बनाने की घोषणा की थी जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। इससे जहां शहर में आने वाले पर्यटक जिले के रमणीय स्थलों का भ्रमण कर आनंद लेते वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ते।
नगर से पांडे खोला विकास भवन की दूरी पांच किमी है। यदि यह रोपवे बन जाता तो पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को विकास भवन जाने में सुविधा होती। रोप-वे से मात्र आधा किमी की दूरी तय करनी पड़ती। पिछले साल पर्यटन विभाग ने रोप-वे के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था, पर लंबे समय बाद भी सरकार ने इन रोप-वे के निर्माण को मंजूरी नहीं दी है। जिससे इनका निर्माण काम प्रारंभ नहीं हो सका है।