अल्मोड़ा नगर में झूलते बिजली के तार। (संवाद)
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अल्मोड़ा। नगर समेत ग्रामीण इलाकों में बिजली के झूलते तारों से हादसे की आशंका रहती है। नगर में बिजली पोलों से घरों को जाने वाली बिजली केबल कई स्थानों पर झूलती रहती है, जिससे खतरा बना रहता है, लेकिन विभाग लाइनों को दुरुस्त नहीं कर रहा है। शहरवासी परेशान हैं। हालांकि हाल ही में जन आशीर्वाद यात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा शहर के लिए की गई घोषणाओं में कहा था कि शहर के तार अंडरग्राउंड होंगे।
अल्मोड़ा नगर में बिजली के खुले तारों के स्थान पर विद्युत विभाग ने एरियल बंच केबल (एबी केबल) बिछाई है। यह केबल कई स्थानों पर काफी नीचे से गुजर रही हैं। घनी जनसंख्या वाले मोहल्लों में स्थिति और खराब है। इन स्थानों पर काफी खतरा रहता है। शहर में बंदर भी काफी संख्या में हैं जो इन केबलों के सहारे इधर से उधर मंडराते हैं नतीजतन आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित होती है। नगर में एलआर साह मार्ग समेत पटाल बाजार में भी बिजली के तार झूल रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति ठीक नहीं है। ताकुला विकासखंड के छानी ल्वेशाल, हरसीला, और छानी ल्वेशाल के चौखुटिया तोक में भी झूलते बिजली के तार खतरा बने हैं। पांडेखोला से तोली सब स्टेशन को जाने वाली 11 केवी की बिजली लाइन जंगल से होकर गुजरती है। जगलों और आबादी क्षेत्र से गुजरते हुए झूलते बिजली के तारों से कई बार हादसे की आशंका रहती है।
तेज हवा चलने और मौसम खराब होने पर अक्सर इन झूलते तारों में फाल्ट आ जाता है। इससे धौलादेवी विकासखंड के अलावा भैंसियाछाना विकासखंड के पांच दर्शन से अधिक गांवों में बिजली गुल हो जाती है। लाइन के जंगलों से गुजरने के कारण फाल्ट ढूंढने में बिजली कर्मियों को काफी समय लग जाता है। बिजली गुल होे से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिजली लाइनों के झूलते तारों को दुरुस्त करने के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि तोली, दन्यां और लमगड़ा के लिए लाइन बिछाने के लिए 48 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। जल्द ही नई लाइन बिछाई जाएगी।
-कन्हैया जी मिश्रा, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड अल्मोड़ा।