जैंती तहसील के कई गांवों में आतंक का पर्याय बने आदमखोर मादा तेंदुए को नया संग्रौली के त्यार तोक के जंगल में बिजनौर से आए शिकारी ने मंगलवार सुबह मार डाला।
आदमखोर तेंदुए का शिकार करने के लिए नया संग्रौली के जंगल में मचान बनाकर उसके पास ही कुत्ते को बांधा गया था। सोमवार रात करीब नौ बजे तेंदुआ जैसे ही कुत्ते पर झपटा शिकारी सैफी ने गोली चला दी। इससे तेंदुआ घायल हो गया और घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर गधेरे में छिप गया। शिकारी, वन कर्मी और ग्रामीण रातभर तेंदुए को ढूंढते रहे। मंगलवार सुबह छह बजे घायल तेंदुए ने शिकारी दल में शामिल गोधन सिंह पर झपटने का प्रयास किया। इसी दौरान शिकारी ने तेंदुए को सीने में गोली मारकर उसे ढेर कर दिया।
डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब छह वर्ष थी तथा उसकी ऊंचाई ढाई फीट, लंबाई साढ़े छह फीट थी। एनटीडी अल्मोड़ा में पोस्टमार्टम करने के बाद तेंदुए के शव को जला दिया गया है।
रविवार को तेंदुआ त्यार तोक में पुष्पा देवी पर भी झपटा था, पर वह बाल-बाल बच गई। तेंदुए ने 31 मार्च को तल्ला बिनौला गांव में तीन वर्षीय बालिका और 16 अप्रैल को पितना गांव में चार वर्षीय बालक को मार दिया था। तेंदुआ पूर्व में मल्ला बिनौला गांव की एक महिला पर भी झपटा था। वन्य जीव प्रतिपालक ने 17 अप्रैल को तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए थे।