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जागेश्वर में गर्भगृह के कपाट खोलने को लेकर मंदिर कमेटी, और प्रशासन आमने- सामने

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जागेश्वर धाम में सुबह के समय पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। महाशिवरात्रि पर जागेश्वर धाम के गर्भगृह के कपाट खोलने को लेकर रविवार को मंदिर की प्रबंध कमेटी और जिला प्रशासन आमने- सामने आ गए। मंदिर के गर्भगृह के कपाट खोलने के संबंध में शनिवार को हुई बैठक में प्रशासन ने रविवार से कपाट खोलने की अनुमति दी थी। इधर, रविवार को मंदिर की प्रबंध कमेटी का कहना था कि उसकी अनुमति के बगैर मंदिर के कपाट खोल दिए गए। बताया जा रहा है कि इसी असमंजस के चलते रविवार को पांच बजे मंदिर का गेट बंद कर दिया गया, जिससे कई श्रद्धालु मंदिर के भीतर दर्शन के लिए नहीं पहुंच सके।
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शनिवार को भनोली तहसील मुख्यालय गुरुड़ाबांज में हुई जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति और प्रशासन की बैठक में जागेश्वर धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए रविवार से खोलने के मौखिक आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद पुजारियों ने रविवार से जागेश्वर मंदिर धाम के कपाट खोल दिए। कपाट खुलने से रविवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आने लगे थे। रविवार होने की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मंदिर के गर्भ गृह में जाकर दर्शन और पूजा की। शाम पांच बजे रोजाना की तरह मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इससे श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश नहीं कर सके। श्रद्धालुओं की मंदिर प्रबंधन कमेटी के कर्मचारियों से मंदिर के कपाट बंद करने को लेकर बहस हो गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर के कपाट रात्रि आठ बजे तक खुलने थे जबकि रविवार को कपाट पांच बजे ही बंद कर दिए गए। इससे कई श्रद्धालु दर्शन करने से वंचित रह गए हैं। श्रद्धालु कपाट खुलने के इंतजार में कतार में खड़े रहे।
शनिवार को एसडीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में निर्देश दिए गए थे कि मंदिर के कपाट और गर्भ गृह को रविवार से खोल दिया जाए। इसके बाद रविवार से एस़डीएम के आदेश पर मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया।
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- शुभम भट्ट, प्रधान पुजारी महामृत्युजय मंदिर जागेश्वर।
शनिवार की बैठक में मौखिक रूप से निर्देश दिए थे कि मंदिर के कपाट और गर्भगृह को खोला जाए। अभी कपाट खोलने के लिए लिखित में आदेश नहीं हुआ है और न ही गर्भगृह खोलने के लिए हमसे पूछा गया। मेरे कर्मचारियों की ड्यूटी पांच बजे तक ही है। मैंने एक मार्च से गेट खोलने के लिए कहा था लेकिन आज अपनी मर्जी से गेट खोल दिया गया। अगर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पर मंदिर में श्रद्धालु भेजा रहा है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
- ज्योत्सना पंत, प्रबंध जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति।
शनिवार को हुई बैठक में रविवार से जागेश्वर धाम के गर्भगृह को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोलने की अनुमति जिला प्रशासन ने दी दी थी। बैठक में मंदिर प्रबंध कमेटी की प्रबंधक भी मौजूद थी। अब क्या विवाद चल रहा है इस संबंध में मंदिर के पुजारी और प्रबंध कमेटी आपस में बातचीत कर लें। प्रशासन की तरफ से किसी तरह का विवाद नहीं है।
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- गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम अल्मोड़ा।
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