फायर सीजन के दौरान वनाग्नि की घटनाओं में अभी तक सबसे अधिक मौत अल्मोड़ा जिले में हुई है। पूर्व में 3 मई को स्यूनराकोट में दो पुरुष और दो महिलाएं जो आपस में पति पत्नी थे उनकी जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि सोमेश्वर के खाईकट्टा में 16 मई को आग बुझाने एक ग्रामीण की भी जंगल की आग के चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। अल्मोड़ा जिले में वनाग्नि की घटना में मरने वाले लोगों की संख्या मिलाकर अब नौ का आंकड़ा पार कर गई है।
बिंसर वन्यजीव विहार में वनाग्नि से चार वनकर्मियों की मौत पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने इस घटना में झुलसे चार अन्य वनकर्मियों को तत्काल हल्द्वानी बेस अस्पताल में एयरलिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने कहा कि यह घटना बेहद हृदयविदारक है और इस दुख की इस घड़ी में पूरी उत्तराखंड सरकार वनकर्मियों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने गंभीर घायलों को आवश्यकतानुसार उपचार के लिए हल्द्वानी से एम्स ऋषिकेश एयरलिफ्ट करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ-साथ मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की धनराशि दिए जाने के निर्देश दिए है।