सोमवार देर रात दुगालखोला में दो पक्षों में मारपीट हो गई। मारपीट में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट सहित दोनों पक्षों के कुछ लोगों को चोटें आई हैं। प्रदीप बिष्ट ने रात्रि गश्त वाले कुछ पुलिस कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार देर रात दुगालखोला में शंकर सिंह बिष्ट और प्रदीप बिष्ट के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस बीच वहां रात्रि गश्त वाले कुछ पुलिस कर्मी भी पहुंच गए और वह भी झगड़े में उलझ गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह लोग बीच बचाव के लिए पहुंचे थे। इधर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ने थाने में दर्ज प्राथमिकी में शंकर सिंह बिष्ट, युधिष्ठिर, राजेश नेगी, पृथ्वी राज सहित कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और गाली गलौच करने का आरोप लगाया गया है। नामजद लोगों में कुछ
पुलिस कर्मी भी हैं। प्रदीप बिष्ट का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बेवजह मारपीट की।
जबकि दूसरे पक्ष की ओर से शंकर सिंह बिष्ट ने प्रदीप बिष्ट, नरेंद्र कुमार, मोहन नेवली, भुवन कोरंगा तथा दो-तीन अन्य के खिलाफ मारपीट और गाली गलौच करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ धारा 147,323,504,506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बताया गया है कि काफी देर तक चले झगड़े में दोनों पक्षों के बीच खूब लात घूंसे चले। जिसमें प्रदीप बिष्ट सहित दोनों पक्षों के कुछ लोगों को चोटें आई हैं। हालांकि कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है। थाना प्रभारी पीसी भट्ट ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और अगर इस मामले में कोई पुलिस कर्मी भी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।