कालिका के इसी वन क्षेत्र को किया जा रहा है विकसित। संवाद न्यूज एजेंसी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड वन अनुसंधान की ओर से कालिका रिसर्च सेंटर के पीछे जंगल में जापानी तकनीक पर आधारित देश के पहले हीलिंग सेंटर (वन चिकित्सा केंद्र) की स्थापना की गई है। यहां तनावग्रस्त लोग प्रकृति के बीच रहकर तनाव से मुक्ति पा सकते हैं।
रविवार को सेंटर का उद्घाटन लोक चेतना मंच के निदेशक और उत्तराखंड वन अनुसंधान के सलाहकार जोगेंद्र बिष्ट ने किया। कहा कि रानीखेत जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र है। विभाग के इस तरह के प्रयास सराहनीय हैं। इससे लोगों में जंगलों के प्रति लगाव और प्रगाढ़ होगा। पांच हेक्टेयर वन क्षेत्र में विकसित केंद्र में दो ट्री हाउस और जंगल वॉक के लिए पगडंडी बनाई गई है। सेंटर बनाने का उद्देश्य तनावग्रस्त लोगों को तनाव से बाहर निकालने के साथ ही लोगों में जंगलों के प्रति लगाव पैदा करना है। प्रदेश में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग है।
यह सघन वन क्षेत्र 29 प्रकार की चीड़ की प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। लोक चेतना मंच के निदेशक बिष्ट ने कहा कि इससे पेड़ पौधों और जड़ी बूटियों का संरक्षण भी हो सकेगा। यह पर्यटक और स्थानीय लोगों को आकर्षित करेगा। मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने कहा कि इस तरह के सेंटर प्रदेश में और भी विकसित किए जाएंगे। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी, मंच से जुड़े पंकज चौहान, गिरीश पांडे, आनंद सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
कालिका रानीखेत में भारत का पहला हीलिंग सेंटर खोला गया है। यह वन स्नान और प्राचीन भारतीय परंपराओं की जापानी तकनीक से प्रेरित है। इसमें जंगल वॉकिंग, मेडिटेशन, ट्री-हगिंग और स्काई गेजिंग जैसी गतिविधियां संचालित होंगी। भविष्य में इस तरह के और केंद्र विकसित किए जाएंगे। -संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक।