सोमेश्वर(अल्मोड़ा)। गर्मी बढ़ते ही जिले के जंगल धधकने लगे हैं। सोमेश्वर के पल्यूड़ा और पिनाथ के जंगल में आग लग गई। आग पॉवर हाउस तक पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह आग को पॉवर हाउस तक पहुंचने से रोका और बढ़ी घटना होने से बच गई।
सोमेश्वर क्षेत्र के पल्यूड़ा और पिनाथ में बीते रविवार देर शाम जंगल में आग लग गई। पूरी रात जंगल धधकते रहे। घटना में तीन हेक्टेयर जंगल जल चुका है। सोमवार सुबह आग पॉवर हाउस तक पहुंच गई तो यहां तैनात यूपीसीएल कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पॉवर हाउस तक आग पहुंचने को से रोका। खड़ी पहाड़ियों के बीच स्थित पिनाथ के जंगल की आग बुझाने में वन कर्मी जुटे हैं, लेकिन खड़ी चट्टान होने के कारण इस पर काबू पाना चुनौती बन गया है। विभाग का दावा है कि जल्द आग पर काबू पा लिया जाएगा।
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क्रू सेंटर स्थापित, फॉयर वॉचर तैनात, फिर भी नहीं रुक रही जंगल की आग
अल्मोड़ा। फायर सीजन शुरू होने से पहले क्रू सेंटर स्थापित कर इनमें फॉयर वॉचर की तैनाती कर जंगलों को आग से बचाने के दावे किए गए लेकिन जंगलों के धधकने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है और वन विभाग इन घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
कोट- पल्यूड़ा और पिनाथ के जंगल में आग लग गई। टीम मौके पर मौजूद है। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द इस पर काबू पा लिया जाएगा। -मनोज कुमार लोहनी, रेंजर, सोमेश्वर।
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वनाग्नि की बढ़ रही घटनाएं, वन कर्मी चुनाव ड्यटी में तैनात
जिले में 164 में से 110 वन विभाग कर्मचारियों की लगी है ड्यूटी, प्रमुख सचिव के पत्र का भी असर नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। एक ओर जिले में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के 65 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगी है। वनाग्नि की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने प्रदेश के सभी डीएम को वन विभाग के कार्मिकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने को पत्र लिखा है हालांकि जिले में किसी भी वन कर्मी को अब तक चुनाव ड्यूटी से मुक्त नहीं किया गया है।
वन विभाग में रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन दरोगा, वन रक्षक और चतुर्थ श्रेणी तक 164 अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। जिनमें से 118 की लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगाई गई थी। बाद में स्वास्थ्य कारणों से आठ कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया था। वर्तमान में 110 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी बरकरार है। वन विभाग के कार्मिकों का कहना है कि चुनाव में ड्यूटी के कारण वनाग्नि रोकने में परेशानी हो सकती है।
इधर, पांच अप्रैल को जारी किए गए पत्र में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु की ओर से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे युद्ध स्तर पर कार्यवाही करने की बात कही गई है। प्रमुख सचिव ने वनाग्नि के प्रभारी नियंत्रण और रोकथाम के लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों (विशेष रूप से फील्ड कार्मिकों) को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए पत्र लिखा है।
सीडीओ/नोडल अधिकारी कार्मिक आरसी तिवारी ने कहा कि जिले में स्टाफ की कमी के कारण वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाना संभव नहीं है। वर्तमान में वन कर्मी विभागीय कार्य ही कर रहे हैं। चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को केवल 18 और 19 को ही मतदान ड्यूटी करनी है। चुनाव ड्यूटी से वनाग्नि नियंत्रण और रोकथाम का काम प्रभावित नहीं होगा।