बडगाम दिवस पर शहीदों को श्रद्धां सुमन अर्पित करते सैन्य अधिकारी और जवान। अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र में बडगाम दिवस मनाया गया। इस दौरान बडगाम युद्ध में शहीद हुए चार कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के मेजर सोमनाथ शर्मा सहित तमाम शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। बता दें कि इस युद्ध में मेजर सोमनाथ शर्मा ने जांबाजी के साथ युद्ध करते हुए दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे, उन्हें अपने प्राणों की आहूति देनी पड़ी। मरणोपरांत उन्हें देश का पहला परमवीर चक्र दिया गया।
सोमनाथ मैदान में अधिकारियों और जवानों ने बडगाम युद्ध दिवस पर मेजर सोमनाथ शर्मा सहित शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी शहादत को याद किया। अधिकारियों ने सभी जूनियर अधिकारियों और जवानों से देश सेवा के लिए सर्वोच्च न्यौच्छावर करने से भी पीछे नहीं हटने का आह्वान किया गया। अक्तूबर 1947 में कबायलियों ने कश्मीर पर हमला किया। बडगाम क्षेत्र में कबायलियों के साथ भीषण युद्ध हुआ। चार कुमाऊं रेजीमेंट की डी कंपनी को घुसपैठियों ने घेर लिया था। मेजर शर्मा और उनकी कंपनी के जवानों ने बहादुरी का परिचय देते हुए कबायलियों के दांत खट्टे कर दिया थे। दुश्मन संख्या अधिक होने के बावजूद भारतीय सेना ने दुश्मनों को कई घंटों तक अंदर घुसने नहीं दिया। सेना की बहादुरी के चलते श्रीनगर व एयरफील्ड दुश्मन के कब्जे से बच गया था।