District Panchayat members of both camps of BJP, Congress sent out
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों ने जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। बताया गया है कि किसी तरह की सेंधमारी से बचाने के लिए दोनों पार्टियों के जिला पंचायत सदस्यों को अल्मोड़ा से कहीं बाहर ले जाया गया है।
सदस्यों के लिहाज से अल्मोड़ा की जिला पंचायत सबसे बड़ी है। जिले में 45 जिला पंचायत सदस्य हैं। अल्मोड़ा में भाजपा से भाजयुमो जिलाध्यक्ष महेश नयाल को और कांग्रेस से द्वाराहाट के पूर्व विधायक मदन बिष्ट की पत्नी उमा बिष्ट उम्मीदवार हैं। जबकि कांग्रेस से टिकट के दावेदार रहे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा के पुत्र सुरेंद्र महरा कांग्रेस के बागी प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर गए हैं लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है।
निर्वाचित हुए जिला पंचायत सदस्यों में भाजपा से 16, कांग्रेस के 15, बसपा से एक, यूकेडी के तीन के अलावा 10 निर्दलीय शामिल हैं। अध्यक्ष पद पर भाजपा कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा कांग्रेस का बागी प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। कुल मिलाकर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है और चुनावी लड़ाई में निर्दलियों और यूकेडी के तीन सदस्यों की भूमिका काफी अहम हो गई है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल निर्दलीयों और यूकेडी के सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए जोर लगाए हुए हैं। चर्चा यह भी है कि सदस्य संख्या के लिहाज से निर्णायक भूमिका निभाने वाले कुछ सदस्यों को दोनों ही खेमों से लाखों का प्रलोभन भी मिल रहा है। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल बहुमत का दावा कर रहे हैं। इधर यह भी पता लगा है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों को समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को उनकी सहमति से घुमाने के बहाने अल्मोड़ा से बाहर भेज दिया गया है। ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी का खतरा न रहे।