अल्मोड़ा। सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते प्रदेश के 143 डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती में आवेदन से पहले ही बाहर हो जाएंगे। 2020 में डीएलएड प्रशिक्षण के लिए प्रदेश भर में 470 प्रशिक्षुओं का चयन हुआ। एक ही बैच के 327 प्रशिक्षुओं को प्रवेश दे दिया गया जबकि वेटिंग लिस्ट देरी से जारी होने से 143 प्रशिक्षुओं को छह माह बाद प्रवेश मिला।
हैरानी है कि इनकी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा न कराते हुए सीधे दूसरे सेमेस्टर में अन्य प्रशिक्षुओं के साथ प्रशिक्षण कराने का निर्णय ले लिया गया जो अब प्रशिक्षुओं के साथ ही शिक्षा विभाग पर भारी पड़ रहा है। वर्तमान में देरी से प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षुओं की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कराई जा रही है। शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि पांच जुलाई है, जबकि प्रवेश देरी से होने से इन प्रशिक्षुओं के पहले सेमेस्टर की परीक्षा छह जुलाई को खत्म होगी और 20 जुलाई तक परीक्षाफल घोषित होगा। ऐसे में 327 प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षा में आवेदन करने के लिए पात्र होंगे जबकि इसी बैच के 143 प्रशिक्षितों को सरकारी तंत्र की लेटलतीफी के चलते भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। संवाद
पहले सेमेस्टर की परीक्षा ने बिगाड़ा खेल
अल्मोड़ा। डीएलएड प्रशिक्षुओं का पहले सेमेस्टर ने पूरा खेल बिगाड़ दिया है। प्रभावित प्रशिक्षुओं का कहना है कि वर्ष 2020 में सभी 470 प्रशिक्षुओं का चयन हुआ। एक ही बैच में चयन होने के बाद कुछ को समय पर प्रवेश मिला तो कुछ को देरी से प्रवेश दिया गया, इसमें उनकी कोई गलती नहीं रही। यदि समय पर प्रवेश मिलता तो अन्य प्रशिक्षुओं के साथ ही उनके पहले सेमेस्टर की परीक्षा होती और समय पर उनका परीक्षाफल घोषित होता। ऐसा नहीं हुआ और पहले सेमेस्टर की परीक्षा ने उनका शिक्षक बनने का पूरा खेल बिगाड़ दिया है। प्रशिक्षितों का साफ तौर पर कहना है कि यदि आवेदन तिथि नहीं बढ़ी तो यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।