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आपदा से हुई क्षति में प्रशासन से सिर्फ मिलता है आश्वासन

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अल्मोड़ा के नए कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेती डीएम वंदना सिंह। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। नए कलक्ट्रेट सभागार में शनिवार को हुई बैठक में डीएम वंदना सिंह ने अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विभागीय परिसंपत्तियों को हुई क्षति को लेकर विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यदायी, निर्माणाधीन संस्थाओं समेत कई विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा मानकों के अनुसार ही आगणन बनाया जाए। आगणन में एसडीएम की रिपोर्ट भी लगाएं।
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उन्होंने कहा कि अति आवश्यक जनसुविधा वाले सड़क मार्ग, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत पेयजल, पैदल मार्ग आदि कार्यों के आगणन जल्द भेजे जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, अन्य निर्माणाधीन संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो सड़क मार्ग रखरखाव अवधि में हैं उनका कार्य ठेकेदार से ही करवाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों ने क्षति की आगणन सूची नहीं बनाई गई है वह विभाग आठ नवंबर तक सूची बनाकर डीएम कार्यालय को भेजें। बैठक में एडीएम सीएस मर्तोलिया समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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आपदा से हुई क्षति का मुआवजा नहीं मिला
अल्मोड़ा। आपदा में नुकसान के बाद ग्रामीण टूट गए लेकिन मुआवजा नहीं मिला। इसके लिए प्रशासन की तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ऐसे में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
18 और 19 अक्तूबर को हुई बारिश ने भयंकर तबाही मचाई। कई जगह घरों के पास आंगन टूट गए, कई आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए। लमगड़ा ब्लॉक के ग्राम पीतना में भी भारी नुकसान हुआ। गांव निवासी शंकर सिंह बोरा का आवासीय भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ।
उन्हें मवेशियों समेत पड़ोसी के घर शरण लेनी पड़ रही है। वहीं कई लोगों के आंगन की दीवार भरभराकर गिर गई। इससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीम ने निरीक्षण भी कई दिनों बाद किया।
इसके बाद भी ग्रामीणों को मात्र आश्वासन मिला लेकिन मुआवजा न मिलने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्व उपनिरीक्षक नंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मौका मुआयना कर लिया गया है। रास्ते टूटे और आंगन क्षतिग्रस्त है। प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
भारी आपदा के कारण मेरा आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। आंगन की दीवार भी टूट गई है। मवेशियों को पड़ोसियों के घर शिफ्ट करना पड़ा है। इससे पहले मई में भी नुकसान हुआ था।
- शंकर सिंह बोरा, ग्रामीण।
प्रशासन सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं। पिछली बार भी मई में बारिश से काफी नुकसान हुआ था। इसका मुआवजा तक नहीं मिला। इस बार भी गांव में काफी नुकसान हुआ है।
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- आनंद सिंह बोरा, ग्राम प्रधान पीतना।
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