अल्मोड़ा। रानीखेत के निकट सोनी गांव में बीते 12 जुलाई को दिनेश बिष्ट (15) की मौत के कारणों की जांच के बाद पुलिस ने इसे हत्या मानने से इंकार किया है। जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि दिनेश ने आत्महत्या की। एसएसपी पी रेणुकादेवी ने पत्रकारों को बताया कि हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस तरह की बात सामने नहीं आई है।
मामले की जांच पूरी करने के बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी ने बताया कि दिनेश ने मृत्यु से पहले अपने बयानों में दो लोगों द्वारा मिट्टी तेल डालकर जलाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि दिनेश के बयानों के मद्देनजर पुलिस ने काफी छानबीन की लेकिन जांच में इस तरह का कोई सबूत नहीं मिला है। दिनेश अथवा उसके परिवार जनों के साथ किसी की दुश्मनी भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना के दिन सुबह किसी को कोई चिल्लाने की आवाज भी नहीं सुनाई दी। घटना स्थल पर किसी तरह के संघर्ष होने के भी सबूत नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर्फ आग से जलकर मौत होने की बात सामने आई है और शरीर में किसी तरह की खरोंच तक नहीं थी।
एसएसपी के मुताबिक दिनेश अंतर्मुखी स्वभाव का था और अपनी बातें दोस्तों को भी कम ही बताता था। उन्होंने बताया कि वह पढ़ने में अच्छा नहीं था और वह खुद पूर्व में कई बार कह चुका था कि उसका पढ़ने में मन नहीं है। एसएसपी के मुताबिक करीब 10-12 साल पहले उसकी मां की मौत हो चुकी थी और उसके बाद सौतेली मां ने ही उसका पालन पोषण किया। हालांकि सौतेली मां का व्यवहार भी उसके प्रति सामान्य था, लेकिन कभी-कभी घर पर थोड़ा तकरार हो जाती थी। उन्होंने बताया कि दिनेश को गुस्सा जल्द आता था और घटना की पहली रात को भी दिनेश का घर पर हल्का विवाद हुआ था। एसएसपी के मुताबिक पूरी जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि दिनेश ने तनाव के चलते आत्महत्या की। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि दिनेश के पिता राशन की दुकान भी चलाते हैं और लगता है कि दिनेश स्प्राइट की बोतल में वहीं से मिट्टी तेल ले गया।